बिल्सी के गुधनी में आयोजित वेद कथा सुनते लोग। संवाद
बिल्सी। गुधनी गांव के प्रज्ञा यज्ञ मंदिर में चल रही वेद कथा सातवें दिन संपन्न हो गई। वेद कथा कर आचार्य संजीव रूप ने श्रद्धालुओं को मर्यादित जीवन जीने का संकल्प कराते हुए कहा मनुष्य को पूजा पाठ, तीर्थ, व्रत, उपवास नहीं अपितु उसकी ईमानदारी, सच्चाई, कठोर परिश्रम और भलाई ही भगवान के निकट ले जाती है।
कहा कि सब भगवान की संतान है तो कोई छोटा और बड़ा नहीं। प्रत्येक व्यक्ति राष्ट्र के लिए, समाज के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे हींग बहुत महंगी होती है लेकिन नमक बहुत सस्ता होता है। सब्जी में हींग महत्व है पर नमक का भी महत्व कम नहीं होता। युवाओं को उन्होंने सीख देते हुए कहा कि काम कोई छोटा नहीं होता। ईमानदारी, लगनशीलता हमें सफलता और सुख दिलाती है। ओमवीर सिंह, अशोक कुमार सिंह, अनिल उपाध्याय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कथा का आरंभ कराया। प्रश्रय आर्य जय, तृप्ति शास्त्री, ईशा आर्य, कौशिकी आर्य ने सुंदर भजन गाए। इस मौके पर विकास कुमार सिंह, राकेश आर्य, किशनपाल आर्य, विश्वजीत आर्य, दुर्गेश कुमार सिंह, जयप्रकाश, डॉ विनीत कुमार सिंह, अनुज कुमार सिंह आदि मौजूद रहे। बाद में कथा के समापन पर सभी को प्रसाद वितरित किया गया।