इसी बक्से में गिरकर हुई थी पुजारी ओमराम बाबा हंसराज की मौत
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बदायूं के वजीरगंज के ग्राम खुर्रमपुर भमोरी में हनुमान मंदिर के पुजारी की मौत के मामले में ग्रामीणों के होश तब उड़ गए, जब वह दरवाजा तोड़कर उनके कमरे में दाखिल हुए थे, लेकिन वहां पुजारी नहीं थे और न ही उनकी लाश थी। जब उन्होंने बड़ा बक्सा खोलकर देखा तो उसमें उनकी लाश पड़ी थी। इसके बाद ही शव को बक्से से बाहर निकाला गया।
हनुमान मंदिर पर सबसे पहले गांव के डॉ. नरेंद्र सिंह ही पहुंचे थे। उनके ही घर से पुजारी को चाय-नाश्ता व खाना आता था। ग्रामीणों के मुताबिक वैसे पुजारी ओमराम बाबा हंसराज सुबह जल्दी उठ जाते थे। सबसे पहले वह मंदिर की साफ-सफाई करते। बाद में पूजा-पाठ करते थे। तब तक नरेंद्र सिंह के घर से उनका चाय-नाश्ता पहुंच जाता, लेकिन बुधवार सुबह वह अपने आवास से बाहर नहीं निकले।
नरेंद्र की सूचना पर तमाम लोग पहुंच गए। उन्होंने भी दरवाजा खुलवाने की कोशिश की। उस समय तक लोग तरह-तरह के अनुमान लगा रहे थे। साथ ही अनहोनी की आशंका भी व्यक्त कर रहे थे। उनके आवास में एक खिड़की थी, जिसमें ग्रिल लगी थी। उसमें भी लोगों ने अंदर झांक कर देखा था, लेकिन अंदर पुजारी दिखाई नहीं दिए। ग्रामीण सोच रहे थे कि पुजारी अंदर कहां गायब हो गए। ग्रामीणों तब दंग रह गए, जब वह दरवाजा तोड़कर कमरे में घुसे लेकिन वह कमरे में दिखाई नहीं दिए। कमरे में केवल कुछ सामान और एक बड़ा बक्सा रखा था। कुछ देर बाद जब बक्सा खोलकर देखा गया तो उसमें पुजारी की लाश पड़ी मिली।
ग्रामीणों का अनुमान- ज्यादा नशा होने से बक्से में गिरे पुजारी
ग्रामीणों के मुताबिक मंगलवार को पुजारी का व्रत था। उन्होंने केवल कुछ फल खाए थे और चिलम पी थी। इससे उन्हें कुछ ज्यादा ही नशा हो गया और जब उन्होंने बक्सा खोला तो वह उसी में गिर गए, जिससे उनकी दम घुटने से मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट नहीं
वजीरगंज पुलिस ने बुधवार दोपहर बाद पुजारी के शव का पोस्टमार्टम करा दिया, लेकिन उसमें मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई। बताया जा रहा है कि डॉक्टर ने उनका बिसरा प्रिजर्व किया है। पुजारी कुछ बीमार भी बताए जा रहे हैं।