कुछ इस तरह भटकते मिले ब्रजेंद्र
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बदायूं के हजरतपुर थाने की पुलिस ने 13 साल से मानसिक विक्षिप्त हालत में भटक रहे रोडवेज के पूर्व इलेक्ट्रिशियन को उसके परिवार से मिलाया। परिवार वाले उसके मिलने की उम्मीद ही खो बैठे थे। उन्होंने खोजबीन भी बंद कर दी थी। उसके मिलने से परिवार के लोग खुश हैं। वह उसे घर ले गए हैं।
एसएसपी डॉ. ओपी सिंह ने बताया कि मंगलवार को हजरतपुर थाना इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी गश्त पर थे। उन्हें एक मानसिक विक्षिप्त व्यक्ति मिला। उसकी दाढ़ी और बाल बड़े-बड़े थे। कपड़े काफी फटे और गंदे थे। वह कंबल लपेटे हुए जा रहा था। पहले तो वह पुलिस को देखकर डर गया, लेकिन इंस्पेक्टर समझा-बुझाकर उसे थाने ले गए। उसके बाल कटवाए और दाढ़ी बनवाई और नहलाकर दूसरे कपड़े पहनाए।
उससे नाम पता पूछा गया। बमुश्किल उसने अपना नाम ब्रजेंद्र दीक्षित पुत्र ब्रह्मानंद निवासी ग्राम डपटा श्यामपुर थाना भमोरा बरेली बताया। पुलिस ने संपर्क किया तो पता चला कि उनका परिवार बरेली में सुभाष नगर थाना क्षेत्र की तिलक नगर कॉलोनी में रहता था। वहां संपर्क किया गया। मंगलवार रात ब्रजेंद्र के परिवार वाले हजरतपुर थाना पहुंचे। उनके छोटे भाई ब्रजेश दीक्षित ने बताया कि ब्रजेंद्र परिवहन विभाग में इलेक्ट्रिशियन थे, लेकिन मानसिक हालत बिगड़ने से उनकी नौकरी छूट गई। 13 साल पहले अचानक वह घर से लापता हो गए।
परिवार वालों ने उन्हें काफी तलाश किया, लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। थकहारकर परिवार वाले घर बैठ गए। उन्होंने ब्रजेंद्र के मिलने की उम्मीद ही खो दी, लेकिन मंगलवार को हजरतपुर इंस्पेक्टर की कॉल आने पर परिवार वालों के चेहरे पर रौनक लौट आई। इससे ब्रजेंद्र की पत्नी, भाई, पिता और तमाम रिश्तेदार थाने पहुंचे। इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी ने बताया कि परिवार वाले ब्रजेंद्र को अपने घर ले गए।