आजीविका चलाने के लिए ग्रामीणों ने किया दूसरे जिलों का रुख
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। जिले में आई बाढ़ की वजह से निचले इलाकों में बसे गांव के लोगों को काफी परेशानी हो रही है। बाढ़ में उनकी पूरी फसल तबाह हो जाने पर उन्हें अब आजीविका चलाने के लिए मजदूरी करनी पड़ रही है। ऐसे में कई ग्रामीणों ने दूसरे जिलों का रुख किया है।
पहाड़ों और मैदानी क्षेत्र में बारिश होने की वजह से बैराजों से काफी मात्रा में पानी छोड़ा गया। जिसकी वजह से गंगा नदी ने विकराल रूप धारण कर लिया। करीब दो माह तक गंगा खतरे के निशान से ऊपर बहती रही। जिसने सहसवान और उसहैत क्षेत्र के गांवों के ग्रामीणों की फसलों, घरों को अपनी आगोश में ले लिया। जिस कारण उनके रहने का ठिकाना और परिवार चलाने का सहारा खेती भी छिन गई।
हालांकि प्रशासन ने समय-समय पर लोगों को राहत सामग्री का वितरण किया, लेकिन यह अपर्याप्त साबित हुई। ऐसे में अब बाढ़ का पानी उतर जाने के बाद ग्रामीणों को आजीविका चलाने में दिक्कत आ रही है। ऐसे में ग्रामीणों ने मजदूरी के लिए दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद का रुख करना शुरू कर दिया है।
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ग्रामीणों ने बयां किया दर्द
15 बीघा जमीन पर धान की फसल की थी। काफी उम्मीद थी, लेकिन बाढ़ से पूरी फसल गंगा में समा गई। ऐसे में अब परिवार का पेट पालने के लिए मजबूरी में मजदूरी करने के लिए विवश हैं।
-अशोक सिंह, अहमद नगर बछौरा
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10 बीघा जमीन पर कर्जा लेकर फसल की थी, लेकिन गंगा में आयी बाढ़ ने सब कुछ तबाह कर दिया, हालत यह है कि अब मजदूरी करने के अलावा कोई भी सहारा नहीं बचा है।
-भगवत सिंह, अहमद नगर बछौरा
तौफी नगला में गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा
तौफी नगला में गंगा का जलस्तर तेजी से घट रहा