बदायूं। बरेली के थाना व कस्बा भमोरा निवासी अर्जुन सिंह ने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था। बृहस्पतिवार को अदालत ने आदेश जारी किया कि वादी को 4.60 लाख रुपये बिजली निगम दे। ताकि बिजली की हाईटेंशन लाइन से आई विकलांगता के कारण क्षतिपूर्ति हो सके। आदेश के 30 दिनों में रुपये देने का आदेश दिया गया है।
अर्जुन की ओर से दायर वाद में कहा गया था कि वह 23 मई 2013 को ट्रक लेकर दातागंज गया था। दुकान पर खाद उतारकर लौट रहा था। शाम करीब 05:10 बजे परा बाइपास के पास नीचे लटक रहे 11हजार वोल्टेज की विद्युत लाइन ट्रक से टकरा गई, जिससे ट्रक में आग लग गई। हादसे में वह गंभीर रूप झुलस गया। दोनों पैर बुरी तरह से झुलस गए। एक पैर की तीन उंगलियां और दूसरे पैर की दो उंगलियां डॉक्टरों को काटनी पड़ीं, जिससे वह स्थायी रूप से विकलांग हो गया है। उसने इलाज में करीब पांच लाख रुपये खर्च किए, लेकिन उसका पैर अब भी ठीक नहीं हुआ है। उसने निगम को समय-समय पर कई नोटिस भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। न ही निगम ने उसे कोई मुआवजा ही दिया।
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष इशित्याक अली, सदस्य राकेश कुमार रस्तोगी व स्वदेश कुमारी ने अधिवक्ता अजय कुमार सिसौैदिया की दलीलों को सुनने के बाद फैसला सुनाया। फैसले में उन्होंने विद्युत निगम को आदेश दिया है कि वादी अर्जुन को इलाज में खर्च हुए 1,90,205 रुपये, स्थायी रूप से हुई विकलांगता के कारण हुई क्षतिपूर्ति के लिए दो लाख और मानसिक व शारीरिक क्षतिपूर्ति के लिए 50 हजार रुपये तथा वाद व्यय में हुए खर्च के लिए 20 हजार कुल धनराशि 4,60.205 रुपये देने होंगे। रुपये का भुगतान 30 दिन के भीतर करने का आदेश दिया गया है।