वीरेंद्र के हत्यारोपियों को कोर्ट में पेश करने को ले जाती मुजरिया थाना पुलिस।संवाद
- फोटो : जिला अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीज।
बदायूं। जिस हत्या जैसी घटना को थाना मुजरिया पुलिस सड़क हादसा करार दे रही थी वही अब बैकफुट पर आ गई। शनिवार रात पुलिस ने मुठभेड़ दिखाकर दो आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया था। वहीं रविवार को दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। चारों हत्यारोपियों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उनको जेल भेज दिया गया।
31 दिसंबर अपराह्न करीब 1:00 बजे वीरेंद्र सिंह अपने चाचा राजेंद्र को दवा दिलाने के लिए बाइक से बरेली जा रहे थे। रास्ते में गांव के ही धूम सिंह समेत पांच लोगों ने पहले वाहनों से उसकी बाइक को टक्कर मारी, फिर लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी। घटना के आरोपी को पुलिस ने शनिवार देर रात वितरोई मोड़ पर हुई मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इसमें एक मेमड़ी निवासी धूम सिंह व उसका रिश्तेदार दातागंज के गांव कुड़रा खरसाई निवासी आकाश पुत्र मटरू है।
रविवार को पुलिस ने इस्माइलपुर मेमड़ी निवासी आरोपी विजय सिंह, धीर सिंह को कोल्हाई के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चारों हत्यारोपियों को कोर्ट में किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आलाकत्ल भी बरामद किया है।
मुजरिया पुलिस की कार्यशैली पर उठे सवाल
हत्या जैसे संगीन मामले को हादसा बताकर रफादफा करने का प्रयास करने वाली मुजरिया पुलिस की कार्यशैली इस समय सवालों के घेरे में है। गनीमत रही कि मृतक के परिजनों ने विरोध किया व पीएम रिपोर्ट में भी पीट-पीटकर हत्या करने की पुष्टि हुई। इसके बाद जागी पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की।