बदायूं। उझानी कस्बे के मोहल्ला नारायणगंज निवासी मीना देवी ने स्थायी लोक अदालत में वाद दायर किया था।
बृहस्पतिवार को न्यायालय स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष इश्त्याक अली ने सदस्य राकेश रस्तोगी व स्वदेश कुमारी ने वाद को स्वीकार करते हुए विद्युत निगम ने फर्जी तरीके से दिए गए 50 हजार रुपये के बिल को निरस्त करते हुए निगम को दस हजार रुपये जुर्माने के रूप में वादिनी को देने का आदेश दिया है। निगम को 30 दिनों में यह रुपये देने होंगे।
परिवादिनी ने बताया कि उसके घर पर एक किलोवॉट का विद्युत कनेक्शन है। निगम ने फर्जी तरीके से उसको 50 हजार रुपये का बिल दे दिया, जबकि वह हर माह अपना बिल जमा करती आ रही थी। वर्ष 2018 से विभाग लगातार अधिक बिल भेज रहा है। कई बार शिकायत की, लेकिन उसकी समस्या का समाधान नहीं किया गया। बाद में उसका कनेक्शन भी काट दिया गया।
परेशान होकर उसने न्यायालय लोक अदालत में वाद दायर किया। सुनवाई करते हुए कोर्ट ने निगम का 50 हजार रुपये का फर्जी बिजली बिल निरस्त कर दिया। साथ ही वाद दायर करने वाली महिला को 30 दिनों में दस हजार रुपये देने का आदेश दिया है।