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Budaun News: 15 साल में भी पूरा नहीं हो सका दहगवां स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण

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दहगवां की खंडहर बनकर रह गया सीएचसी के लिए बनाया जाने वाला भवन। संवाद
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दहगवां। स्वास्थ्य विभाग की अनदेखी के चलते दहगवां कस्बे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के भवन का निर्माण 15 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। हालात यह हैं कि जो निर्माणाधीन भवन है वह भी खंडहर में तब्दील हो चुका है। बता दें कि दहगवां के पास धर्मपुर टप्पा वैश्य गांव में भी 15 साल पहले स्वास्थ्य उपकेंद्र बनाया गया था, जो हैंडओवर न हो पाने की स्थिति में खंडहर हो गया।
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कस्बा दहगवां में सीएचसी के निर्माण को बसपा सरकार में वर्ष 2009 में मंजूरी मिली थी। करीब एक करोड़ रुपये की लागत से यहां भवन निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। भवन का लगभग 80 फीसदी निर्माण कार्य पूरा हुआ कि सरकार बदल गई। इसके बाद सपा और अब भाजपा सरकार में इस भवन की ओर किसी अधिकारी ने ध्यान ही नहीं दिया।
स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते 15 साल बाद भी इस भवन का निर्माण पूरा नहीं हो सका, जिससे भवन विभाग के हैंडओवर नहीं हो सका। अब भवन पूरी तरह से खंडहर हो चुका है। अस्पताल परिसर में जलभराव हो रहा है। अस्पताल का खंडहर भवन अराजक तत्वों का ठिकाना बनकर रह गया है। कुछ समय पहले एक युवक की हत्या कर शव इसी भवन में छिपाया गया था।
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भवन में लगी खिड़कियों के शीशे तक टूटे
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2009 में दहगवां में सीएचसी बनाने की स्वीकृति दी थी। एक वर्ष के अंदर भवन निर्माण का कार्य पूरा करके अस्पताल जनता के लिए समर्पित किया जाना था। भवन निर्माण के लिए करीब एक करोड़ रुपये भी मिले। कार्यदायी संस्था काम ही पूरा नहीं कर सकी। बताते हैं कि केवल 80 प्रतिशत काम ही हो सका। सीएचसी को 2011 तक बनकर तैयार हो जाना था, लेकिन 15 साल बाद भी निर्माण कार्य पूरा नहीं हो सका।



आवास समेत 30 बेड की बननी थी सीएचसी
डॉक्टर व कर्मचारियों के रहने के लिए आवास समेत 30 बेड का अस्पताल बनना था। इसमें एक्सरे और अल्ट्रासाउंड के लिए भी अलग से कक्ष बनाए गए हैं, जो अब खंडहर हो चुके हैंं। लोगों को न तो एक्सरे की सुविधा मिल रही है न ही अल्ट्रासाउंड की। यही कारण है कि 60 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल तक दौड़ लगाने को लोग मजबूर हो रहे हैं।


पुराने भवन में चल रही है सीएचसी
सीएचसी के लिए नया भवन न बनने के कारण पुराने भवन में ही सीएचसी चल रही है। लंबे समय तक जब सीएचसी का निर्माण पूरा नहीं हो सका तो स्वास्थ्य विभाग ने पुरानी सीएचसी का ही जीर्णोद्धार कराया। आज भी सीएचसी 50 साल पुराने इस भवन में चल रही है।



भवन का निर्माण अभी तक पूरा नहीं हो सका है। कार्यदायी संस्था को लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। शासन को भी इस बारे में अवगत करा दिया गया है। - डा. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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