आरक्षण को लेकर हरियाणा में चल रहे जाट आंदोलन का असर यहां भी दिखने लगा है। अखिल भारतीय जाट महासभा ने बैठक करके इस मामले में हरियाणा और केंद्र सरकार पर अड़ियल व हिंसात्मक रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। हरियाणा में जाट आंदोलन चल रहा है। शनिवार को सूबे में भी जाटों ने प्रदर्शन करने शुरू कर दिए हैं।
यहां अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेश संगठन मंत्री और जिला मंत्री चौधरी सुशील कुमार सिंह के आवास पर एक बैठक हुई। इसमें वक्ताओं ने हरियाणा और केंद्र सरकार पर जमकर हमले किए। चौधरी ने कहा कि दोनों सरकारों द्वारा जो रवैया अख्तियार किया जा रहा है, भविष्य में उसके परिणाम भी भुगतने होंगे। यदि शीघ्र ही उनकी मांगे नहीं मानी गईं, तो पूरा समुदाय देशव्यापी आंदोलन शुरू कर देगा। अन्य वक्ताओं ने कहा कि देश की तरक्की में जाटों का बड़ा योगदान है। कोई भी सरकार इसे नकार नहीं सकती। आज तक जिस सरकार ने जाटों की बात नहीं मानी है, उसे कीमत चुकानी पड़ी है।
वक्ताओं ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग भी उठाई। इस मैके पर लाखन सिंह, बाबू सिंह, प्रदीप सिंह, कुलदीप सिंह, इकबाल सिंह, सुरेंद्र पाल सिंह, महेंद्र सिंह, अनिल कुमार सिंह, चौधरी राजेश सिंह, ऋषिपाल सिंह, पप्पू सिंह, घनेंद्र सिंह, दिग्विजय सिंह आदि रहे।