गंगा का जलस्तर एक बार बढ़ा, तटबंधों पर निगरानी शुरू
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पूरे दिन घाट पर जुटी रही गोताखोरों की सात सदस्यीय टीम
बुद्ध पूर्णिमा वाले दिन बाबा-दादी के साथ गंगा स्नान करते वक्त डूबे बालक की खोज में शुक्रवार को घरवालों ने फिर से घाट पर खोजबीन कराई। पंखियानगला के गोताखोरों की सात सदस्यीय टीम ने घाट से पूर्वी ओर पांच किलोमीटर दायरे में तलाशी अभियान भी चलाया पर कुछ हाथ नहीं लगा।
तीन दिन पहले दिल्ली में संगम बिहार निवासी सुरेंद्र सिंह का 10 वर्षीय बेटा प्रिंस अपने बाबा देवकीनंदन और दादी कमला समेत परिवार के लोगों के साथ गंगा स्नान को पहुंचा था। स्नान करते वक्त वह डूब गया था। शुक्रवार को सुरेंद्र रिश्तेदारों के साथ गंगाघाट पर पहुंचा। घरवालों ने पंखियानगला पहुंचकर गोताखोरों से सहयोग मांगा। पूर्वाह्न में गंगा में उतरे गोताखोरों ने घाट से पूर्वी ओर पांच किलोमीटर तक के इलाके में छानबीन की। कहीं पर भी प्रिंस का सुराग नहीं लग पाया। सुरेंद्र बताया, प्रिंस उसकी तीन संतान में इकलौता बेटा था। उसकी मां बीना की दिसंबर-2015 में बीमारी के चलते मौत हो चुकी है। उसकी दो और बेटियां हैं, जिसमें 13 साल की श्वेता और नौ साल की एकता है।
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गंगा में जलस्तर बढ़ते ही बहाव तेज
उझानी। बृहस्पतिवार शाम को गंगा में अचानक जलस्तर में वृद्धि हो गई। गोताखोर गंगा में उतरे तो उन्हें तेज बहाव की वजह से परेशानी का सामना भी करना पड़ा। गोताखोरों में हसीम ने बताया-जलस्तर में वृद्धि से आशंका बनी हुई है कि प्रिंस दूर बह गया हो। वैसे तो आसपास के घाटों पर उसका मिलना मुश्किल लग रहा है लेकिन उसी स्थिति में वह आसपास मिल सकता है जब गहरे गड्डे या फिर किसी स्थान पर दलदल में फंस गया हो।
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गंगा में दूसरे दिन मिला चारवाहे का शव
उझानी। कोतवाली क्षेत्र के गांव पालपुर निवासी 40 वर्षीय होराम सिंह बृहस्पतिवार सुबह पशु चराने के लिए गंगा पार गया था। लौटते में कौतलनगला घाट पर उसने पशुओं को गंगा पार कराई। मझधार में फंसकर होराम डूब गया। यह देख साथी चरवाहों ने शोर मचाया तो कई लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने घाट पर खोजबीन भी की लेकिन देर रात तक सुराग नहीं लग पाया। शुक्रवार सुबह होराम के घरवाले गोताखोरों को लेकर घाट पर पहुंचे। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद होराम का शव मिल गया।