सूचना में हर बुधवार को दर्शाया जा रहा है कागजी वितरण
प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को डेढ़ सौ मिली ग्राम, तो जूनियर विद्यालयों के बच्चों को दो सौ मिली ग्राम दूध देने का प्रावधान था। शुरुआत में विद्यालयों में बच्चों को दूध वितरित किया गया, लेकिन कुछ समय बाद ही ये योजना खटाई में पड़ गई। दूध वितरण के लिए एमडीए में अलग से कोई कन्वर्जन कास्ट न होने के कारण प्रधानाध्यापकों ने दूध वितरण बंद कर दिया,जबकि विभाग को भेजी जाने वाली रिपोर्ट में हर बुधवार को दूध वितरण किए जाने की सूचना दी जा रही है। विभागीय अधिकारी भी इस बारे में जानने के बाद भी खामोश हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि
मुझे दूध वितरण न होने की शिकायतें मिली हैं। इसलिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को उनके ब्लाक के सभी विद्यालयों में दूध वितरण की स्थिति को देखकर रिपोर्ट देने को कहा गया है। यदि किसी विद्यालय में दूध वितरण नहीं हो रहा है, तो उस विद्यालय के प्रधानाध्यापक खिलाफ कार्रवाई की जायेगी।
-