कारगिल फतह पर नाटक ने दर्शकों का मनमोहा
शहीद सैनिकों के सम्मान में बुलंद की आवाज
कारगिल फतह वाले दिन को विजय दिवस मनाते हुए मंगलवार को स्कूलों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। बच्चों ने सैनिक बनकर नाटक पेश कर दर्शकों का मनमोह लिया। नाटक में शामिल बच्चों ने कारगिल की विजय गाथा भी पेश की।
एपीएस इंटरनेशनल स्कूल में कारगिल विजय दिवस पर डायरेक्टर नीलांशु अग्रवाल ने बच्चों को सैनिकों के जज्बे से अवगत कराया। कहा कि कारगिल की लडाई में बहादुर भारतीय सैनिकों ने सीमा पर जिस तरह से मोर्चा संभाला वह बहुत ही मुश्किल काम था लेकिन भारतीय सैनिकों ने हौसला बरकरार रखा। पड़ोसी देश के घुसपैठियों को मारकर भारतीय सैनिकों ने जीत दिलाई थी। हालांकि कई सैनिकों को शहीद भी होना पड़ा लेकिन उनकी शहादत देशवासियों को गौरवांन्वित करती रहेगी। बच्चों ने नाटक प्रस्तुत कर सैनिकों के जज्बे को पेश कर दिया। प्रधानाचार्य रवींद्र भट्ट, मीनाक्षी शर्मा, रेेखा सक्सेना मनीला, दीपाली, प्रशांत, सपना, मनोज, बीआर सिंह और सुमन आदि मौजूद थीं।
अयोध्या प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर उमा विद्यालय छात्र और छात्राओं ने शहीद सैनिकों के सम्मान में कविताएं पेश कीं। छात्रों की टोली ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया। आचार्य पारस अग्रवाल ने देश की सरहदों पर जवानों से जुड़ी परिस्थितियों को बयां किया। प्रधानाचार्य लोकेंद्र नाथ शर्मा, रूचि, अनामिका, सक्षम, प्राची, दीपक, प्रेमचंद्र, सचिन, दीपिका और देवेंद्र ने प्रतिभागियों का हौसला बढ़ाया। बच्चों को पुरस्कृत भी किया गया।