चुनाव पूर्व हिंसा में हैं ब्लाक प्रमुख समेत 17 आरोपी
प्रत्याशी समर्थक की गोली मारकर हत्या का मामला
इस्लामनगर में चुनाव पूर्व हिंसा में चार अक्तूबर को ब्लाक प्रमुख सुरेश यादव ने अपने समर्थकों के साथ हमला बोल कर मदनलाल नाम के ग्रामीण की हत्या कर दी थी। मामले में धर्मपाल की ओर से ब्लाक प्रमुख सुरेश यादव, उसके भाई उमेश यादव, बेटे दिनेश यादव, वीरेश यादव, भतीजे मुकेश यादव समेत 17 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने रनवीर, वीरेश, मनफूल, राकेश, भुवनेश, राजेश, पुष्पेंद्र, अमरपाल, डल्लू, देवेंद्र, रूपेंद्र और खुशीराम को गिरफ्तार कर लिया था। सुरेश, दिनेश, उमेश, मुकेश अब भी फरार हैं।
ये था मामला
इस्लामनगर का मौजूदा ब्लाक प्रमुख सेहरा गांव से बीडीसी सदस्य पद का चुनाव लड़ा था। इसी सीट से चरनजीत सिंह बीडीसी सदस्य पद का प्रत्याशी था। सुरेश यादव चरनजीत पर नाम वापसी का दबाव बना रहा था। चरनजीत को माजुद्दीनगर के प्रधान धर्मपाल का संरक्षण था। नाम वापस न लेने चार अक्तूबर की शाम सुरेश यादव ने चरनजीत के घर पर धावा बोल दिया। यहां ब्लाक प्रमुख सुरेश यादव, उसके बेटे और भाई को ग्रामीणों ने घेर कर पीट दिया। इसी रात सुरेश यादव ने रामलीला मैदान रोड स्थित धर्मपाल के घर पर धावा बोल दिया। यहां दोनों ओर से फायरिंग और पथराव में धर्मपाल पक्ष के मदनलाल की गोली लगने से मौत हो गई थी।
सुरेश को हासिल है एक माननीय का संरक्षण
बदायूं। इस्लामनगर के ब्लाक प्रमुख सुरेश यादव को सत्तारूढ़ पार्टी के एक कद्दावर माननीय का संरक्षण हासिल है। यही वजह रही कि करीब दो महीने के बाद भी पुलिस ने उसे गिरफ्तार नहीं किया है। इसी नेता के बलबूते सुरेश यादव शासन स्तर से मामले की सीबीसीआईडी जांच का आदेश कराने में कामयाब हुआ है। एसपी देहात, मुन्नालाल मामले में सीबीसीआईडी जांच संबंधी आदेश मेरे संज्ञान में आया है। इसका अवलोकन किया जा रहा है। निर्देशानुसार कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा।