बदायूं। मौसम में हो रहे बदलाव के साथ ही मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। ठंड के बाद अब तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है, जिससे मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बन रहा है। इसी के चलते जिले में मलेरिया के मामले सामने आए हैं। जनवरी से अब तक मलेरिया के दो मरीज मिले हैं। दोनों मामलों में पीवी (प्लाज्मोडियम विवैक्स) की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह है कि अब तक जिले में पीएफ (प्लाज्मोडियम फैल्सीपेरम) का कोई भी मरीज सामने नहीं आया है।
जिले में जैसे-जैसे तापमान बढ़ेगा, वैसे-वैसे मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ने की आशंका है। मच्छर साफ पानी में अधिक तेजी से पनपते हैं। घरों के आसपास जमा पानी, कूलर, पानी की टंकी, गमले, पुराने टायर और खुले बर्तन मच्छरों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाने बन जाते हैं। यही मच्छर मलेरिया और डेंगू जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं।
विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। सप्ताह में कम से कम एक दिन “ड्राई डे” मनाकर घर में जमा पानी को पूरी तरह से खाली करें। जिला मलेरिया अधिकारी योगेश कुमार सारस्वत ने बताया कि सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और बच्चों को पूरे कपड़े पहनाकर रखें।
यह लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं
यदि कहीं बुखार, ठंड लगना, सिरदर्द, बदन दर्द, आंखों के पीछे दर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच कराएं। जिला मलेरिया अधिकारी का कहना है कि समय रहते जांच और इलाज से मलेरिया व डेंगू पर पूरी तरह काबू पाया जा सकता है।
खसरा-रूबेला से बचाव के लिए बच्चों के लगाया टीका
- प्राथमिक विद्यालय व निजी स्कूलों में 5 से 10 वर्ष आयु के बच्चों को लगाए गए टीके
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं/दबतोरी। जिलेभर के खसरा एवं रूबेला की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे टीकाकरण अभियान के तहत विभिन्न विद्यालयों में बच्चों को टीके लगाए गए। अभियान के तहत पांच से 10 वर्ष तक की आयु के बच्चों का टीकाकरण प्राथमिक विद्यालयों और निजी स्कूलों में किया जा रहा है, ताकि इन संक्रामक रोगों से बच्चों को सुरक्षित रखा जा सके।
प्राथमिक विद्यालय दबतोरी में चल रहे टीकाकरण कार्यक्रम के दौरान 30 बच्चों का टीकाकरण किया गया। एएनएम मंजू पाल व आशा कार्यकर्ता सुमन ने इसके बारे में बच्चों, विद्यालय स्टाफ और अभिभावकों से विस्तार से बताया। कहा कि टीकाकरण से बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और गंभीर बीमारियों से बचाव होता है। टीकाकरण केंद्रों का निरीक्षण डॉ. जहीर अहमद ने किया गया।
उन्होंने टीकाकरण की प्रक्रिया, बच्चों की संख्या और उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों का टीकाकरण अवश्य कराएं, ताकि खसरा और रूबेला जैसी बीमारियों से उन्हें सुरक्षित रखा जा सके।