बदायूं। राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में करीब सात करोड़ रुपये की लागत से बन रहे एक्सीलेंस सेंटर को मई 2027 तक पूरा होने की उम्मीद है। टाटा टेक्नोलॉजी कंपनी के सहयोग से बनने वाले इस केंद्र में छात्रों को आधुनिक तकनीक और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तकनीकी कौशल से लैस करना है। अभी तक साढ़े तीन करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। जबकि, अभी तक करीब 20 प्रतिशत ही काम पूरा हो सका है।
जिले में बिसौली रोड पर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्रदेश सरकार और कंपनी के संयुक्त प्रयास से सेंटर बनाया जा रहा है। जो सात करोड़ रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। यह काम मई 2026 को शुरू हुआ था, जो मई 2027 तक पूरा होना है। यहां पर अत्याधुनिक मशीनें, आधुनिक कार्यशाला, बहुद्देशीय हॉल और स्मार्ट प्रशिक्षण कक्ष विकसित किए जाएंगे।
यहां छात्र-छात्राओं को स्मार्ट ऑटोमेशन और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसी उन्नत तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलेगा। इससे विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ आधुनिक औद्योगिक कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। केंद्र के माध्यम से 10 से अधिक नए कोर्स शुरू करने की भी योजना है। इन पाठ्यक्रमों में छात्रों को तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ स्टार्टअप और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन दिया जाएगा। आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं से विद्यार्थियों को रोजगार के नए अवसरों के लिए तैयार करने में मदद मिलने की उम्मीद है। एक्सीलेंस सेंटर शुरू होने से राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में तकनीकी प्रशिक्षण का दायरा बढ़ेगा।
इससे छात्र-छात्रों को नई तकनीकों से परिचित होने और मशीनों पर व्यावहारिक अभ्यास करने का अवसर मिलेगा। इससे कॉलेज में तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की बदलती जरूरतों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ेगा। इस संबंध में परियोजना निदेशक आरवी सिंह ने बताया कि समय से काम पूरा करने को लेकर समय-समय पर निर्देश दिए जा रहे हैं। पूरा प्रयास है कि मई तक काम पूरा कर लिया जाए।