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रोशनी से जगमग हुआ शहर, खूब हुई आतिशबाजी

Tue, 01 Nov 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बदायूं
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द‌िवाली की रोशनी
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जिले में दीप पर्व बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया गया। शाम ढलते ही शहर रोशनी से झालरों, दीयों के प्रकाश से जगमगा उठा। आतिशबाजी की आवाज वातावरण में गूंजना शुरू हो गईं। शाम को मां लक्ष्मी की पूजा की गई। भगवान गणेश व कुबेर की आराधना कर धन, वैभव, संपदा की कामना के साथ परिवार की सुख समद्धि की कामना की। 
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दिवाली के दिन भी दोपहर तक खरीदारी का दौर चला। महिलाओं ने सुबह से ही उठकर तैयारियां शुरू कर दीं। घरों की सफाई के अलावा झालरों व फूलों से सजाया गया। घरों में रंगोली सजाई गई। बच्चों में सुबह से उत्साह देखा गया। मोहल्लों में लोगों ने सामूहिक रूप से आतिशबाजी का आनंद लिया। वहीं परिवार के सदस्यों ने पटाखे छोड़े। देर रात तक आतिशबाजी होती रही।
दीप भी खूब टिमटिमाए
बदायूं। चीनी उत्पादों के बहिष्कार का असर भी देखने को मिला। लोगों ने जहां घरों की सजावट झालरों से की। वहीं दीयों, मोमबत्तियां जलाकर सजावट की गई। मोहल्लों, कॉलोनियों में खूब दीये सजाए गए। 
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खूब खींची सेल्फी
दिवाली पर सेल्फी का क्रेज भी कम नहीं दिखा। टीनेजर्स ने हाइटेक दिवाली का आनंद लिया। सजावट, पूजन, आतिशबाजी के समय खूब सेल्फी खींची और शेयर कीं।
सोशल साइट्स पर बधाईयों का तांता
व्हाट्सएप और फेसबुक पर त्योहार के पहले से बधाइयों का तांता लग गया। लोगों ने धनतेरस व दीवाली शुभकामनाओं का मैसेज भेजकर दोस्तों, रिश्तेदारों को बधाई दी। एनिमेटेड मैसेज भी पंसद रहे।
120 तक बिका गेंदा फूल 
गेंदा व गुलाब के फूलों की बिक्री खूब हुई। घरों में सजाने के लिए दीवाली के दिन शाम तक फूलों के खरीदार नजर आए। 80 से 120 रुपये किलो तक गेंदा के फूल की बिक्री हुई। 
पकवानों का लिया आनंद
लोगों ने त्योहार पर पकवानों का आनंद लिया। मिठाई के अलावा पूरी, कचौड़ी, पुलाव आदि का लुत्फ उठाया। रिश्तेदारों ने एक ही जगह एकत्र होकर खूब मनोरंजन किया।
देहात भी जगमग
जरीफनगर के ग्रामीण क्षेत्रों में रंग-बिरंगी झालरों से अपने घरों को सजाया। क्षेत्र के गांव दांदरा, दुर्गपुर, मोहम्मदपुर, कूड़ई, रसूलपुरकलां, समसपुर, कूवरी, मदारपुर, सोभनपुर समेत अन्य क्षेत्रों में भी पर्व उत्साहपूर्वक मनाया। दबतोरी क्षेत्र में दिवाली के साथ भारतीय सैनिकों के सम्मान में दीप जलाकर याद किया। उसावां चौराहे पर भाजयुमो के सौरभ तोमर के साथ चमन गुप्ता, रजत वर्मा, सौरभ गुप्ता, शिवकुमार, प्रदीप यादव समेत दर्जनों लोगों ने शहीदों के नाम एक दीया जलाकर त्योहार मनाया। वहीं बिल्सी नगर में भी लोगों ने खूब जमकर आतिशबाजी की। 
रोशनी के त्योहार पर गुल रही बिजली
मुख्यमंत्री ने हाल ही में घोषणा की थी कि शहरों को 24 और देहात इलाकों को 18 घंटे बिजली सप्लाई मिलेगी। मगर बदायूं में बिजली विभाग ने मुख्यमंत्री की इस घोषणा पर दो दिन में ही पानी फेर दिया। रोशनी के त्योहार दिवाली पर ही शहर के कई इलाकों में बिजली घंटों गुल रही। बिजली विभाग की इस हरकत पर कई हिंदूवादी नेताओं ने भेदभाव का आरोप लगाया है। जवाब के नाम पर विभागीय अधिकारी गोलमोल जवाब दे रहे हैं। 
रविवार को दिवाली का पर्व था। लोग घरों में लक्ष्मी-गणेश की आराधना में लगे थे। इसी दौरान शहबाजपुर, नई सराय, टिकटगंज, कल्याणनगर, लोची नगला, पटियाली सराय समेत कई इलाकों की बिजली गुल कर दी गई। सात से नौ बजे तक आपात कटौती की गई। इससे लोगों में बिजली विभाग के प्रति गुस्सा भर गया। रात में नौ बजे बिजली सप्लाई चालू हुई, लेकिन इसके बाद भी कई बार ट्रिपिंग होती रही। बिजली विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नवादा फीडर के एक ट्रांसफार्मर में अचानक तकनीकी खराबी आने की वजह से कटौती करनी पड़ी। 
पेयजल पर पालिका का दावा फेल
दिवाली पर शहर के कई इलाकों में पेयजल सप्लाई भी प्रभावित रही। शहर के ऊंचे इलाकों में पानी पहुंचा ही नहीं। हालांकि, नगर पालिका ने दावा किया था कि पेयजल सप्लाई प्रभावित नहीं होगी। बिजली न मिलने की दशा में जनरेटर से नलकूप चलाकर ओवरहेड टैंक भरे जाएंगे। पालिका का यह दावा भी हवाई रहा।
कचरे, गंदगी के बीच मनाई दिवाली
पहले नवरात्र और अब दिवाली पर भी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रही। कई दिन से हड़ताल होने की वजह से शहर के नाले-नालियां चोक हो गए हैं। पूरे शहर में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। नगर पालिका आंख मूंदकर बैठी है। सफाई के त्योहार पर शहर में गंदगी के अंबार होने से लोगों में गुस्सा है। विभिन्न मांगों को लेकर नगर पालिका के सफाई कर्मचारी पिछले महीने नवरात्र के दिनों में हड़ताल पर चले गए थे। बाद में नगर पालिका और सफाई कर्मचारियों के बीच समझौता हो गया। इसके बावजूद जब नगर पालिका ने समझौते की शर्तों को पूरा नहीं किया तो सफाई कर्मचारियों ने पिछले सप्ताह फिर से हड़ताल शुरू कर दी। दीपावली पर हर घर में साफ सफाई होती है। ऐसे में सामान्य दिनों से कहीं ज्यादा कूड़ा निकलता है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से यह कूड़ा उठ नहीं पा रहा है। अखिल भारत हिंदू महासभा के प्रदेश संयोजक मुकेश पटेल का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन त्योहार पर जानबूझकर सुनियोजित तरीके से ऐसा करा रही है, जिससे एक वर्ग की भावनाएं आहत हुई हैं।
गोवर्धन पर सोमवार को मंदिरों में जय श्रीकृष्ण के जयकारों की गूज के बीच धार्मिक कार्यक्रमों का दौर चला। हवन पूजन भी कराया गया। भक्तों को अन्नकूट और पूड़ियों का प्रसाद वितरित किया गया।
गोवर्धन पूजन के लिए सुबह से मंदिरों को सजाने और संवारने का काम शुरू हो गया। हनुमान गढ़ी मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, पुरानी अनाज मंडी के शिव मंदिर, बड़े महादेव के मंदिर, पंजाबी कालोनी के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, बिजली घर वाले मंदिर, साहूकारा के ब्रह्मदेव मंदिर समेत कई कई मंदिरों में भगवान गोवर्धन का पूजा की गई। अधिकतर मंदिर परिसर में ही अन्नकूट और पूड़ियों का प्रसाद बनाया गया। भोग अर्पण के बाद प्रसाद वितरण का दौर शुरू होकर शाम तक चला।
इसके अलावा घरों में भी भगवान गोवर्धन की पूजा की गई। दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजन का विशेष महत्व है। इस दिन घरों में गोबर से गोवर्धन भगवान की आकृतियां भी बनाई जाती हैं। महिलाओं ने आकृतियां बनाने के बाद भगवान गोवर्धन की कथा भी सुनाई। उधर, मंदिर में पूरे दिन गोवर्धन महाराज और जय श्रीकृष्ण के जयकारे गूंजते रहे।
गोबर के गोवर्धन बनाकर की पूजा
अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज के तत्वावधान में प्रज्ञा मंडल की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में गोवर्धन पूजा महोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर इंद्र का घमंड तोड़ा और ब्रजवासियों को गोवर्धन और पर्यावरण के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि गौ मां है, जो जन्म देने वाली माता के बाद जीवन पर्यंत हमारा पालन पोषण करती है। दूध के रूप में अमृतपान कराकर नया जीवन देती है। महिलाओं ने गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर पानी, मिष्ठान, खीर, रोली, चावल और दीपक जलाकर पूजा की, साथ ही परिक्रमा भी की। गायों को स्नान कराकर फूलमाला पहनाई, चंदन लगाया और मिठाई खिलाकर गायों की आरती और प्रदक्षिणा की। ग्राम दबिहारी, अलापुर, रसूलपुर, चमारी आदि गांवों में सुखपाल शर्मा, रघुनाथ सिंह, भवेश शर्मा, श्यामनिवास, पंकज कुमार, पवन शर्मा, रामकिशन नारद, रामवीर सिंह, सत्यपाल शर्मा ने वेद मंत्रोच्चारण किया। मोहल्ला शहबाजपुर में विश्व हरि मंदिर पर दीपों का पर्व दीपावली तथा गोवर्धन पूजन सामूहिक रूप से किया गया। गोवर्धन पर्वत का पूजन कर सभी ने संयुक्त रूप से परिक्रमा और आरती की। महिलाओं ने भजन गाए। कार्यक्रम के दौरान श्रीकृष्ण एकादशी व दशहरे में प्रतिभाग करने वाले रूपांक, इशांक, कुनाल, देवांश, गौरांक, स्नेहा, गौरी, कनिष्का, कृतिका, स्पर्श, आदित्य आदि बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर संजय अरोरा, आकाश सक्सेना, प्रातेश सक्सेना, शुभम, पंकज अग्रवाल, प्रज्ञेश सक्सेना, दिलीप साहू, समीर, निर्भय सक्सेना, विकास ठाकुर, अभिलाष, मंदिर के संरक्षक प्रेम प्रकाश अग्रवाल, निर्दोष सक्सेना के समेत काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। 
बिल्सी। गोवर्धन पूजन का त्योहार नगर क्षेत्र गोवर्धन पूजा के साथ देवस्थानों पर अन्नकूट का प्रसाद वितरण कर मनाया गया। तहसील रोड शिव मंदिर, शिवशक्ति भवन मंदिर, बंबा चौराहा, बर्दीनारायण मंदिर मुख्य बाजार, कुटी मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, रघुनाथ बिराजमान मंदिर मोहल्ला दो, श्री रंगजी राधाकृष्ण मंदिर मोहल्ला दो, रघुनाथ जी बिराजमान मंदिर कूचगली मोहल्ला आठ, शिवमंदिर, यादव कॉलोनी, मोहल्ला एक, प्रचीन हनुमानगढी मोहल्ला एक, देववाणी मंदिर, चामुंडा मंदिर, कछला बस स्टेंड, सब्जी मंडी मंदिर, ऋषि आश्रम बांस बरौलिया, सिरासौल, सतेती, जरसैनी ग्रामों में अन्नकूट का प्रसाद वितरण किया गया।
भैयादूज पर बढ़ी बहनों की मुश्किल
परिवहन निगम के बदायूं डिपो की करतूत से इस बार भी भैयादूज पर बहनों को दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। दरअसल, बदायूं डिपो का यात्री सुविधाओं से ज्यादा आमदनी पर जोर है। ऐसे में डिपो की ज्यादातर बसों को दिल्ली रूट पर लगा दिया गया है। जबकि खटारा बसों को लोकल रूटों पर लगाया गया है। 
भैयादूज पर बहनें अपने भाइयों के घर जाती हैं। जिले में बदायूं-चंदौसी, बदायूं-कासगंज, बदायूं-फर्रुखाबाद, बदायूं-बिल्सी, बदायूं-बरेली, बदायूं-दातागंज लोकल रूट हैं। बदायूं डिपो को सबसे ज्यादा आमदनी दिल्ली रूट से होती है। इस वजह से डिपो की ज्यादातर बसों का संचालन बदायूं-दिल्ली रूट पर किया जाता है। लोकल रूटों पर डग्गामार वाहनों का ही सहारा रह जाता है। हालांकि, हर बार की तरह बदायूं डिपो ने इस बार भी दावा किया है कि भैयादूज पर लोकल रूट के यात्रियों को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन, यह भी सच है कि डिपो ने लोकल रूटों पर गिनीचुनी खटारा बसों को ही लगाया है। जबकि भैयादूज पर लोकल रूटों पर यात्रियों का ज्यादा दबाव होता है। 
बढ़ी ट्रेनों से मिलेगी सहूलियत
पूर्वोत्तर रेलवे ने हाल ही में बदायूं-कासगंज रूट पर तीन जोड़ी नई रेलगाडियों का संचालन शुरू किया है। दो जोड़ी ट्रेनों कासगंज-बरेली के बीच पहले से चल रही थीं। बदायूं-कासगंज के बीच तीन जोड़ी नई ट्रेनों का संचालन शुरू होने से भैयादूज पर इस रूट के यात्रियों को ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना होगा।
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