बदायूं। 16 अप्रैल को पोस्टमॉर्टम हाउस परिसर में शव को कुत्ते द्वारा नोंचने के मामले में शुक्रवार को सीओ उझानी ने पोस्टमॉर्टम हाउस के कर्मचारियों के बयान दर्ज किए हैं। कर्मचारियों के बयान में सामने आया कि पोस्टमार्टम के बाद सील करने के लिए प्राइवेट कर्मचारी ने सिपाही से रुपये मांगे थे। न देने पर शव को ऐसे ही छोड़कर चले गए थे। इसलिए उसे कुत्ता नोचने लगा था। कछला गंगा घाट पर 12 अप्रैल को एक अज्ञात युवक का शव मिला था। पुलिस ने पहचान न होने पर शव को मोर्चरी में रखवा दिया था। 72 घंटे बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया था। पोस्टमॉर्टम कराने के लिए कछला पुलिस चौकी से दो सिपाही आए थे। पोस्टमार्टम परिसर में शव को कुत्ता नोचने का वीडियो वायरल हुआ था। इस मामले की जांच दो दिन से सीओ उझानी शक्ति सिंह जांच कर रहे हैं। सीओ ने दोनों सिपाहियों को कार्यालय में आकर बयान दर्ज कराने के निर्देश दिए थे, लेकिन एक सिपाही छुट्टी पर चला गया। दूसरा सिपाही बयान दर्ज कराने नहीं पहुंचा। शुक्रवार को सीओ ने पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचकर फार्मासिस्ट तेजस्वी जौहरी व पोस्टमॉर्टम करने वाले लालाराम के बयान दर्ज किए हैं। फार्मासिस्ट व कर्मचारी के बयानों में सामने आया है कि शव गंगा में डूबने और 72 घंटे रखे रहने के कारण सड़ गया था। उसमें कीड़े पड़ गए थे। इस वजह से शव में दुर्गंध आ रही थी। कर्मचारी ने पोस्टमॉर्टम कर दिया था, लेकिन सील पैक करने वाले प्राइवेट सफाई कर्मचारी ने सिपाहियों से रुपये मांग कर रहे थे। सिपाही ने रुपये देने में आनाकानी कर रहे थे। इसलिए वह शव को खुला छोड़ दिए और कुत्ता उसे नोंचने लगा था।