उझानी। बसोमा रेलफाटक के नजदीक झाड़ियों में युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। शव दो-तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। पुलिस को जेब में मिले आधार कार्ड से शव की शिनाख्त दिल्ली निवासी अखलाक (30) पुत्र जाकिर के रूप में हुई। मौके पर पहुंची पत्नी नेहा ने बताया कि वह तीन दिन पहले ससुराल से कासगंज जाने की बात कहकर घर से निकले थे।
नेहा ने पुलिस को बताया कि अखलाक दिल्ली में वैलकम थाना क्षेत्र में जनता मजदूर कॉलोनी में रहते थे। उसका मायका सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के शेखूपुर में है, इसलिए उन्हें मौके पर पहुंचने में ज्यादा समय नहीं लगा। अखलाक पिछले दिनों दिल्ली से ससुराल आ गए थे। पत्नी ने यह भी बताया कि दिल्ली में उनके पति को पड़ोसियों ने मोबाइल चोरी का आरोप लगाकर पकड़ लिया था। उनकी पिटाई भी की थी, इसी वजह से वह दिल्ली नहीं जाना चाहते थे।
अखलाक की जेब में आधार कार्ड मिला है। आधार कार्ड देखने के बाद कोतवाली के दरोगा रवेंद्र सिंह ने दिल्ली की वैलकम थाना पुलिस से फोन पर संपर्क उनकी ससुराल के बारे में भी पता लगाया था। पुलिस ने बताया कि बसोमा रेलफाटक से करीब तीन सौ मीटर दूर शेखूपुर स्टेशन की ओर झाड़ियों में शनिवार सुबह करीब 10 बजे शव मिला।
रेलवे के ट्रैकमैन की सूचना के बाद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के शरीर पर चोटों के निशान भी मिले हैं। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर शव पत्नी नेहा के परिजनों को सौंप दिया है।
सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि अखलाक की मौत ट्रेन से गिरने की वजह से हुई है। रेलवे लाइन के गड्ढों में झाड़ियों की वजह से इलाके के लोगों की नजर नहीं पड़ पाई। जांच की जा रही है।
कासगंज में कोई कामधंधा करना चाहते थे अखलाक
दिल्ली निवासी अखलाक ने ही शेखूपुर स्थित ससुराल आकर पत्नी नेहा को मोबाइल प्रकरण की जानकारी दी थी। उन्होंने पत्नी से कहा था कि वह अब दिल्ली नहीं, कासगंज में कोई कामधंधा करेंगे। इसे लेकर मेरे और अखलाक के बीच कुछ कहासुनी भी हो गई थी। नेहा ने पुलिस को बताया कि कासगंज जाने की कहकर जब वह घर से निकले, उससे पहले अखलाक ने अपने हाथों से उन्हें खाना भी खिलाया था। यही बताते हुए नेहा फफक पड़ी।