बदायूं। लूट के आरोपी को विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) कु. रिंकू ने दोषी करार देते हुए उसे दस साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के गांव आमगांव के रहने वाले ओमकार सिंह ने 18 अक्तूबर 2008 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह अपने भाई रवेंद्र सिंह व दुष्यंत सिंह एवं परिवार के अन्य लोगों के साथ घर में सोए हुए थे। रात करीब 2:30 बजे उसके घर में अचानक आहट हुई, जिसपर परिवार के लोग जाग गए।
देखा कि तीन चोर घर में बैटरी और साइकिल इत्यादि सामान निकालकर ले जा रहे हैं। शोर मचाया तो आसपास के लोगों ने एक बदमाश को हम लोगों ने मारपीट कर पकड़ लिया। इसी दौरान एक अन्य बदमाश ने भाई रविंद्र सिंह को गोली मार दी। घर से सोने की चेन व कुंडल इत्यादि लेकर बदमाश ले गए।
पकड़े गए बदमाश ने अपना नाम पता शाहजहांपुर के थाना गढि़या रंगीन के गांव धारम गौटिया पंखा नगला निवासी गवडू पुत्र अली हसन बताया। अन्य साथियों के नाम अली हसन व मुमताज अली बताया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ जानलेवा हमले व लूट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी। आरोपी गवडू को पुलिस ने जेल भेज दिया।
विवेचक ने अली हसन व मुमताज के नाम विवेचना से निकाल दिए। उनकी नामजदगी झूठी पाई गई थी। पुलिस ने गवडू के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। तब से मामला कोर्ट में चल रहा था। शुक्रवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष के सरकारी व बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई है।