चूहा की हत्या का आरोपी मनोज अपने माता-पिता के साथ।
बोला- बाजारा में क्यों बिक रही चूहामार दवा, मुर्गा और बकरे की तो रोजाना हो रही है हत्या
बदायूं। चूहे को मारने के आरोपी मनोज ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि चूहा मारने पर उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई। रोजाना बड़ी संख्या में मुर्गा, बकरा, भैंसा और अन्य पशुओं की हत्या की जाती है, उनके खिलाफ कार्रवाई कब होगी। मनोज का यह भी कहना है कि उसकी बेटी को चूहे ने काट लिया था। बेटी को न्याय कब मिलेगा। उसके घर में चूहे काफी नुकसान करते हैं, उसकी भरपाई भी होनी चाहिए।
मनोज का यह भी कहना है कि देश में चूहे की हत्या में एफआईआर का यह शायद पहला मामला होगा। चूहेमार दवा की बाजार में खुलेआम बिक्री होती है। दवा बनाने वालों और बेचने वालों पर कार्रवाई नहीं की जाती। उसका कहना है कि पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा को मुर्गा, बकरा, भैसा आदि जानवरों की हत्या करने वालों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज करानी चाहिए। वह गरीब है, इसलिए उसे फंसाया जा रहा है। यहां बता दें कि 24 नवंबर को पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा पनबडिया बिजली उपकेंद्र के पास से गुजर रहे थे। उन्होंने देखा की एक युवक चूहे को नाले में डुबो-डुबोकर मार रहा है। बाद में उसने चूहे की पूंछ में धागे से पत्थर बांधकर उसे नाले में फेंक दिया। विकेंद्र ने चूहे को निकाला। हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पूछने पर चूहे को मारने वाले ने अपना नाम मनोज बताया। विकेंद्र ने इसकी वीडियो बना ली और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत चूहे की हत्या के मामले में कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने की तहरीर दी। आईवीआरआई में चूहे के पोस्टमार्टम के बाद मनोज के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद मनोज और उसका परिवार परेशान है।
उधर, विक्रेंद्र का कहना है कि इस तरह किसी पशु को तड़पा-तड़पा कर मारना पशु क्रूरता है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके जादौन का कहना है कि चूहा पशु की श्रेणी में आता है। इसी कारण शव का पोस्टमार्टम कराया गया।