बदायूं। धर्म परिवर्तन का दबाव और दुष्कर्म के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पाक्सो एक्ट कोर्ट के न्यायाधीश दिनेश तिवारी ने दोषी को 10 साल की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साक्ष्य के अभाव में दूसरे दोषी को दोषमुक्त कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी ने 18 जून 2023 को थाना सिविल लाइन में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें बताया कि उनकी 16 वर्षीय बेटी 13 जून 2023 को बाजार से सामान लेने आई थी। उसी दौरान गांव के आकिब और कामिल भी पीछा करते हुए पहुंच गए। पुलिस लाइन चौराहे से उनकी बेटी के मुंह में कपड़ा ठूस कर ले गये। घटना के दो दिन बाद बेटी बदहवास हालत में उनके पास आई। कुछ समय बाद जब वह ठीक हुई तो उसने अपनी मां को बताया कि उसके साथ आकिब ने हिंदू छोड़कर मुस्लिम धर्म अपनाने और शादी करने को कहा। पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि कामिल रास्ते में मोटरसाइकिल से उतर गया। आकिब ने किसी जगह ले जाकर उसके साथ बुरा काम किया। न्यायालय में नाबालिग लड़की का अपहरण कर दुष्कर्म करने के आरोपी का मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। अवलोकन पक्ष की विशेष लोग अभियोजक व बचाव पक्ष अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद आकिब को दोषी पाते हुए 10 साल की सजा और पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया। जबकि दूसरे आरोपी कामिल को दोषमुक्त कर दिया है।