धरना प्रदर्शन के दौरान अगस्त में आंदोलनों की तारीखों की घोषणा
उप्र लेखपाल संघ अपनी मांगों को लेकर आंदोलन पर उतारू हैं। शुक्रवार को तहसील में धरना प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने अपनी मांगों को लेकर अगस्त माह के आंदोलनों की घोषणा की दी है। जिलाध्यक्ष भोजराज सिंह यादव की अगुवाई में धरना प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने अपनी आवाज बुलंद की।
इस मौके पर तहसील अध्यक्ष रिजवान खां और मंत्री विवेक सक्सेना ने छह सूत्री मांग पत्र पढ़कर सुनाया और कहा कि इस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सभी मांगे जायज हैं और उन्हें स्वीकार किया जाए। जिला मंत्री रामनिवास मिश्रा ने जिला मुख्यालय पर होने वाले धरना प्रदर्शन को सफल बनाए जाने के लिए सभी का सहयोग मांगा।
लेखपाल पदाधिकारियों ने एसीपी विसंगिति दूर किए जाने, लेखपाल को राजस्व उपनिरीक्षक का नाम देने, शैक्षिक योग्यता स्नातक करने, प्रारंभिक ग्रेड 2800 किए जाने, स्थानांतरण नीति में सुधार, ई- कार्यों के लिए लैपटाप दिए जाने, पुरानी पेंशन व्यवस्था आदि मांगों पर जोर दिया गया और कहा गया कि उनकी सभी मांगे मानने योग्य हैं। तहसील मंत्री ने कहा कि 15 अगस्त तक शासनादेश/नियमावली संशोधन निर्गत नहीं किए जाते हैं तो उप्र लेखपाल संघ 16 अगस्त से आंदोलन शुरू कर देगा। पहले दिन बहिष्कार, तहसील मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन, 17 से 22 अगस्त तक काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन, 23 से 29 अगस्त पूरी तरह से कार्य बहिष्कार, कार्य दिवस में सुबह 10 से शाम चार बजे तक जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन, 30 अगस्त को लखनऊ विधान सभा भवन का घेराव और आगे के आंदोलनों की घोषणा होगी।
पूर्व जिलाध्यक्ष अहिवरन ङ्क्षसह यादव, चंद्र प्रकाश, कुतुबउद्दीन, संजय गुप्ता, कुलदीप शुक्ला, सज्जाद हुसैन, ओमप्रकाश, वीरपाल सिंह यादव, रविंद्र प्रकाश ने इस मौके पर विचार व्यक्त किए।