बदायूं। कंपनियों ने ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं के लिए गैस की दूसरी बुकिंग की समयाविधि 25 से बढ़ाकर 45 दिन कर दी है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता कड़ी धूप में गोदाम पर जाकर खड़े हो जा रहे हैं, लेकिन नए नियम का पता चलने पर उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। वहीं ऐसी कॉलोनियों के लोगों की भी परेशानी बढ़ गई है, जो ग्रामीण क्षेत्रों के करीब बसी हैं। उन्हें भी 45 दिन की दोबारा गैस बुकिंग की बाध्यता से परेशान होना पड़ रहा है।
गैस कंपनियों की ओर से गैस बुकिंग के नियमों में लगातार बदलाव किया जा रहा है। पहले 21 दिन के समय को बढ़ाकर 25 कर दिया गया। अब ग्रामीण क्षेत्रों में गैस बुकिंग की समय सीमा 45 दिन कर दी गई है। शहर की कई कॉलोनियां ऐसी हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में आती हैं। नए नियम के कारण इन कॉलोनियों के उपभोक्ताओं की भी परेशानी बढ़ गई है।
इन उपभोक्ताओं का कहना है कि हम रहते तो शहर में हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र लगने के कारण हमारे सिलिंडर की बुकिंग 45 दिन में होने के कारण काफी परेशानी होगी। वैसे भी इन दिनों इंडेन गैस एजेंसी का सर्वर ठीक से काम नहीं कर रहा। इसके कारण उपभोक्ता बुकिंग न होने पर गैस एजेंसी पहुंचकर सिलिंडर के लिए सुबह से ही लाइन लगा रहे हैं।
परेशान होकर एजेंसी पर गैस की किताबें जमा करके बिना गैस सिलिंडर के लौट रहे हैं। शहर के नेकपुर गैस एजेंसी पर सुबह से ही घरेलू गैस सिलिंडर को रिफिल कराने के लिए सैकड़ों की संख्या में उपभोक्ता लाइन लगाकर खड़े रहे। इंद्रा चौक स्थित एजेंसी में यही स्थिति रही।
फोटो0000
गैस की किल्लत के बीच चूल्हा और भट्ठियां बनीं सहारा
गैस की बढ़ती किल्लत के कारण लोग खाना बनाने के लिए चूल्हे और भट्ठियों का सहारा लेने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद बुकिंग होने से उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। इसके कारण लोगों ने पहले की ही तरह चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया है।
ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ शहर में भी खान-पान के दुकानदार भट्ठियों का उपयोग कर अपनी आजीविका चला रहे हैं। रेहड़िया गांव के योगेश के घर सोमवार को लिंटर डालने के लिए मजदूर पहुंचे थे। उनके खाने की व्यवस्था के लिए सिलिंडर नहीं मिल पाया तो योगेश ने ईंटों का चूल्हा तैयार कर करीब 100 लोगों का खाना तैयार करवाया।
उपभोक्ताओं को जारी गाइड लाइन के हिसाब से ही सिलिंडर का वितरण कराया जा रहा है। बुकिंग के जो नियम ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हैं, वह शहर में लागू नहीं होंगे। जनपद में घरेलू गैस सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक है। बुकिंग कराने वाले सभी उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिल रहा है। - सतीश कुमार मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी
घरेलू गैस सिलेंडरों की कोई कमी नहीं, केवाईसी कराएं उपभोक्ता
बदायूं। गैस एजेंसियों पर केवाईसी न कराने वाले उपभोक्ताओं को गैस नहीं मिल रही है। इसको देखते जिला पूर्ति अधिकारी सतीश मिश्रा ने सभी उपभोक्ताओं ने से केवाईसी कराने की अपील की है। सभी गैस एजेंसियों पर केवाईसी, ऑनलाइन बुकिंग के लिए हेल्पडेस्क बनाए गए हैं।
पूर्ति अधिकारी ने बताया कि वर्तमान में जनपद में घरेलू गैस सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है। गत दिवस जनपद की विभिन्न गैस एजेंसियों पर कुल 26180 सिलिंडरों का स्टॉक उपलब्ध था और 7980 उपभोक्ताओं को गैस सिलिंडर डिलीवर किए गए। इस प्रकार एजेंसियों पर घरेलू गैस सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक है। घरेलू गैस उपभोक्ता अपने गैस कनेक्शन पर डिजिटल रूप से गैस बुकिंग कर सिलिंडर प्राप्त कर सकते हैं। संवाद
रेहड़िया मैं लेटर पढ़ने पर सिलेंडर न मिलने पर ईंटो के चूल्हे पर तैयार किया जा रहा खाना। संवाद- फोटो : संदना इलाके में हादसे के बाद पलटी पड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को उठाती जेसीबी।
रेहड़िया मैं लेटर पढ़ने पर सिलेंडर न मिलने पर ईंटो के चूल्हे पर तैयार किया जा रहा खाना। संवाद- फोटो : संदना इलाके में हादसे के बाद पलटी पड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली को उठाती जेसीबी।