फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ठेकेदार का ‘राज’ खुला तो होंगे जिले के कई चेहरे बेनकाब

विज्ञापन
विज्ञापन
उझानी (बदायूं)। नगर पालिका और नगर पंचायतों में सप्लाई का सामान मुहैया कराने से जुड़े गवर्मेन्ट ई-मार्केट पोर्टल पर उझानी नगर पालिका परिषद की मेल आईडी से फर्जी दो टेंडर अपलोड किए जाने के मामले में राजदार की तलाश शुरू हो जाने के बाद कई अफसरों की नींद उड़ गई है। उझानी का मामला तो समय रहते पकड़ लिया गया, लेकिन ऐसा भी नहीं कहा जा सकता कि फर्जीवाड़ा करने वालों ने कोई यहीं पर हाथ आजमाने की कोशिश की हो। उझानी पालिका की आईडी से जो टेंडर अपलोड हुए, अब तो उसे भरने वाला ही बता सकता है कि फर्जी टेंडरों की अपलोडिंग कहां से होती है। हालांकि कहा तो यहां तक जा रहा है कि अगर हकीकत सामने आई तो जिले के कई अफसरों के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे।
विज्ञापन

पसंद के ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने से जुड़ा यह पूरा मामला उस समय सामने आया था जब उझानी नगर पालिका परिषद की मेल आईडी से किसी ने दो सौ लाइटों और एक टियर टेंपो खरीद का फर्जी टेंडर गवर्मेन्ट ई-पोर्टल पर अपलोड किया था। टेंडर छह दिसंबर को अपलोड किए गए जिसकी भनक ईओ डॉ. धीरेंद्र कुमार राय को लगी तो उन्होंने सबसे पहले फर्जी टेंडरों को निरस्त किया फिर पालिका की मेल आईडी का पासवर्ड चेंज कराया था। इसके बाद धीरे-धीरे विभागीय जानकारों की जुबां से जो बातें निकलकर सामने आईं, उनसे साफ है कि सबकुछ यूं ही नहीं हो सकता। इसका सूत्रधार कौन है और वह कहां बैठकर अपने चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए गवर्मेन्ट ई-मार्केट पोर्टल मे सेंधमारी कर लेता है, इसका पता लगना भी आवश्यक हो जाता है। नहीं तो इस तरह आगे भी फर्जीवाड़े की गुजाइंश बनी रहेगी।
बताया तो यह भी जा रहा है कि गवर्मेन्ट ई-पोर्टल पर जहां से पालिका और नगर पंचायतों की आईडी बनती है, उसका पासवर्ड उसी कर्मचारी या अफसर को पता होता है जो आईडी बनाकर पालिका और नगर पंचायतों को मुहैया कराता है। सवाल यह भी उठता है कि फर्जी टेंडरों की अपलोडिंग के बाद बिसौली के ठेकेदार ने ही उन्हें ऑनलाइन क्यों भरा। उसे जरूर कहीं से संकेत मिला होगा। या फिर वह पहले से ही ऐसे टेंडरों को भरता रहा होगा।
विज्ञापन

हमारे कार्यालय स्तर से ऐसा कोई मामला नहीं है और न ही मेरे संज्ञान में इस तरह का कोई मामला अभी तक आया है। स्वास्थ्य कारणों के चलते मैं अवकाश पर भी हूं।
विज्ञापन

राजेश शर्मा, एनआईसी प्रभारी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें