बदायूं। 25 साल पुराने लूट के मामले में विशेष न्यायाधीश (डकैती) रेखा शर्मा ने आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही 80 हजार का जुर्माना भी लगाया है।
मुनीम राजकुमार ने 13 नवंबर 1999 में थाना वजीरगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बताया था कि वह व सेल्समैन विनोद कुमार वजीरगंज से वसूली करके आंवला लौट रहे थे।
दोपहर करीब चार बजे हतरा झावर की पुलिया के पास तीन बदमाशों ने स्कूटर रोक लिया और मारपीट करने लगे। जान बचाकर दोनों स्कूटर छोड़कर भाग निकले। बदमाश स्कूटर व 1.50 लाख रुपये लूटकर भाग गए।
पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान झब्बू उर्फ झबुआ, रमन सिंह व नरेंद्र उर्फ नंदन निवासी उल्ला मनौना के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
घटना से संबंधित सभी साक्ष्य संकलन करते हुए आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। बृहस्पतिवार को न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर एडीजीसी तथा बचाव पक्ष के अधिवक्ता की दलील सुनने के बाद झब्बू उर्फ झबुआ को दोषी करार देते हुए दस साल की सजा सुनाई है। आरोपी नरेद्र उर्फ नंदन की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत चुकी है। वहीं, रमन सिंह के कोर्ट में मौजूद न होने की वजह से उसकी पत्रावली अलग कर दी गई। संवाद