बदायूं। दो साल पुराने दुष्कर्म के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया गया है। अपर जिला जज व विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश दिनेश तिवारी ने 20 साल की सजा सुनाई है। उस पर 35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। पूरी धनराशि पीड़िता को देने का भी आदेश किया है।
बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाले व्यक्ति ने 20 नवंबर 2022 को पुलिस को तहरीर दी थी। बताया था कि उसकी बेटी गांव के ही धर्म सिंह के घर पर करीब चार बजे गई थी। देर शाम तक घर वापस नहीं लौटी तो वह देखने गया। यहां धर्म सिंह, राजेश, अमरकांत और संजू ने कोई सटीक और संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। इधर उधर की बाते करने लगे। बेटी के बारे में जानकारी की तो बताया कि परेशान न हो तुम्हारी लड़की को खोज कर देंगे। उसके बाद कोई सुराग नहीं लगा। बाद में पता लगा कि धर्म सिंह का बेटा अमरकांत किशोरी को बहला फुसलाकर कार में डालकर ले गया है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने किशोरी व आरोपी अमरकांत को गिरफ्तार कर लिया। किशोरी का परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में बयान कराया गया। जहां किशोरी ने बताया कि अमरकांत व अन्य लोगों ने उसको जबरन गाड़ी में बैठा कर कहीं ले गया। उसे एक कमरे में अमरकांत के साथ बंद करके बाकी लोग चले गए। आरोप लगाया कि अमरकांत ने उसके साथ मारपीट की और दिल्ली में 22 दिन तक दुष्कर्म किया। बाद में अमरकांत ने उसे बदायूं की बस में बैठा दिया। धमकी दी कि इस घटना की जानकारी वह किसी को न दे। पुलिस ने विवेचना के दौरान दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट की धारा की बढ़ोतरी करते हुए घटना के साक्ष्य संकलन करते हुए विवेचक ने चार्जशीट न्यायालय में दाखिल की। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन किया। अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के पश्चात उक्त आरोप में अमरकांत को दोषी पाते हुए उसे 20 साल की सजा सुनाई है।