फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षकों का शोषण बर्दाश्त नहीं करेगा संघ

Sat, 13 Jun 2015 07:12 PM IST
Bisuli
विज्ञापन
विज्ञापन
प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष लल्लन मिश्र का नगर में शिक्षकों ने स्वागत किया। इस मौके पर मिश्र ने कहा कि संघ शिक्षकों को उनका हक दिलाने के लिए संकल्पबद्ध है। उनका शोषण कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन

मुरादाबाद से लखनऊ जाते समय प्रदेश अध्यक्ष लल्लन मिश्र यहां रुके। कस्तूरबा गांधी स्कूल में उन्होंने शिक्षकों की बैठक को संबोधित किया। मिश्र ने कहा कि शिक्षकों के सम्मान की सुरक्षा और आत्मसम्मान का वर्धन करने के लिए ही संघ बना है। पदाधिकारी से ज्यादा एक शिक्षक का सम्मान है, वह नींव की ईंट है। वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिनेशचंद्र मिश्र ने कहा कि शिक्षक ही समाज को दिशा देता है। ऐसे शिक्षक को सम्मान मिलना और उसे दिलाना संघ का प्रथम कर्तव्य है। कोषाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि शिक्षक की हर समस्या के निस्तारण के लिए हर स्तर तक संघर्ष किया जाएगा।
आसफ पुर के ब्लॉक अध्यक्ष अशोक शर्मा ने कहा कि शिक्षक एकता के बल पर ही इस स्थिति में आया है। हमारी एकता ही हमारा संबल है। संचालक अनुज शर्मा ने कहा कि मिश्र ने यहां के शिक्षकों को जो सम्मान दिया उसके लिए सभी शिक्षक उनके आभारी हैं। उन्होंने संगठन की मजबूती के लिए हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया। ब्लॉक अध्यक्ष नरेशपाल शर्मा ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए शिक्षक एकता पर बल दिया। कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार ने भी विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन

इस मौके पर अनुज शर्मा, अशोक शर्मा, नरेशपाल शर्मा, वीरेंद्र कुमार, हरीश शर्मा, ब्रजपाल, संदीप गुप्ता, कौशल जौहरी, साहू सावेंद्र गुप्ता, सुधांशु सक्सेना, सुरजेश शर्मा, सचिन शर्मा, पुष्पेंद्र पाठक, ओमेंद्र सिंह, शराफत अली, दीपक तिवारी, सनोज कुमार, महेंद्र पाल, जगतपाल सिंह मौजूद रहे।

जब दिल मिलें हैं, तो दल भी मिल जाएंगे: मिश्र
बिसौली। अब न कोई गुटबाजी है और न ही मनमुटाव। थोड़े ही दिनों मे सब कुछ सामान्य हो जाएगा। मिश्र ने यह बात पत्रकार वार्ता में कही। जिले पर दो दो अध्यक्ष होने के बात पर कहा कि शीघ्र ही आम सहमति बनाकर इस समस्या का हल निकाल लिया जाएगा। जब दिल मिले हों, तो फि र दल भी मिल जाएंगे। मिड-डे मील को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक सिर्फ पढ़ाने के लिए न कि खाना बनवाने के लिए। इस ग्रीष्म अवकाश में खाद्यान्न के लिए शिक्षक की ड्यूटी लगाना गलत था, यह बात सरकार ने मान ली। कहा कि अब शिक्षक सिर्फ  पढ़ाएगा। इस विचारधारा को लेकर संगठन सरकार से बात करेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें