उझानी। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज की देखरेख में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में विशेष योगदान के लिए प्रधानाचार्यों समेत शिक्षक और शिक्षिकाओं को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
नगर पालिका अशर्फीदेवी कन्या इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में गायत्री परिवार के सदस्य संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को संस्कारवान, चरित्रवान और राष्ट्रनिष्ठ बनाने का सशक्त माध्यम है। भौतिकवादी दौर में बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
वरिष्ठ गायत्री परिजन सुखपाल शर्मा ने कहा कि विद्यालयों के प्रधानाचार्य और शिक्षक इस अभियान की रीढ़ हैं, जिनके सहयोग से यह परीक्षा घर-घर तक पहुंच रही है। ऐसे शिक्षकों का सम्मान वास्तव में संस्कृति और संस्कारों का सम्मान है।
परीक्षा में विशेष योगदान के लिए देवनागरी इंटर कालेज के राममोहन शर्मा, शिक्षक हरर्वेश कुमार यादव, प्रदीप कुमार, चेतन शर्मा, रवींद्र कुमार, भदवार गर्ल्स इंटर कालेज की प्रधानाचार्या सुजाता सक्सेना, शिक्षिका दीक्षा छाबड़ा, जोया अंसारी, रुबी पाल, इकरा कुरैशी, तनीषा गुप्ता, कल्पना पाल, विजया शर्मा, नगर पालिका अशर्फी देवी कन्या इंटर कालेज की प्रधानाचार्या वीरू, सिंह, प्रेमलता शर्मा, वेदमाता गायत्री विद्या मंदिर के प्रधानाध्यापक योगेंद्र कुमार शर्मा, शिक्षक राकेश बाबू शर्मा, अंजना धवन, दीक्षा शंखधार, स्नेहा गुप्ता, करिश्मा को सम्मानित करते हुए उन्हें प्रमाणपत्र भी भेंट किए गए। इस मौके पर भुवनेश शर्मा, ममता शर्मा, आर्येंद्र सिंह, भुवनेश शर्मा, ममता शर्मा, दीप्ति शर्मा, नरेंद्र कुमार, अखिलेश माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।