बदायूं। विद्यालय में 50 से कम छात्र वाले शिक्षक राज्य पुरस्कार के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। इसको लेकर विभागीय उच्च अधिकारियों की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में नवीन नामांकन की स्थिति बेहद खराब रही है। जिले में 140 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल में 50 से कम बच्चे मिले है। स्कूलों में नामांकन की स्थिति संतोषजनक नहीं रहने के पीछे विभागीय उच्च अधिकारी शिक्षकों को जिम्मेदार मान रहे हैं।
अब विभाग ने एक आदेश जारी किया है। इसमें राज्य पुरस्कार के लिए आवेदन करने की शर्त में बदलाव किया गया है। कहा है कि आवेदन करने वाले शिक्षक के विद्यालय में कितने बच्चे पंजीकृत हैं, यदि उस शिक्षक के विद्यालय में 50 से भी कम बच्चे पंजीकृत होंगे, तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा या फिर उस पर बिल्कुल भी विचार नहीं किया जाएगा।
इस बात का परीक्षण जिला स्तर पर गठित कमेटी करेगी। इस बात से यह साफ हो गया है कि जिले के 140 प्राथमिक उच्च प्राथमिक विद्यालयों के वह शिक्षक राज्य पुरस्कार के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। आदेश के बाद से कई शिक्षकों में भी निराशा है।
छात्र संख्या राज्य पुरस्कार का आधार नहीं हो सकती है। यह तो शिक्षकों को मनोबल तोड़ने वाला काम है। शिक्षक ईमानदारी से काम करते हुए राज्य पुरस्कार के लिए पात्र हैं और उसकी पात्रता के बीच में छात्र संख्या आड़े आ रही है तो यह गलत है।
-संजीव शर्मा, प्रांतीय प्रचार मंत्री उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ