प्रदेशाध्यक्ष सतीश मिश्र ने शुक्रवार को कहा कि जब किसी सरकारी कर्मचारी-अधिकारी का यदि एक माह समय से वेतन नहीं मिलता है तो उसका सारा बजट खराब हो जाता है, वहीं रसोइयों को बीते छह माह से आज तक उन्हें मानदेय नहीं मिला है। बोले-न ही किसी ने उनके मानदेय को अभी कारगर कदम उठाए हैं। मानदेय नहीं मिलने के कारण रसोइयों को दिक्कतें उठानी पड़ रहीं हैं। जल्द से जल्द सभी रसोइयों को मानदेय का भुगतान किया जाए। संगठन सरकार से यह भी मांग कर रहा है कि रसोइयों का मानदेय कम से कम तीन हजार रुपये प्रति माह किया जाए। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि संगठन द्वारा बीते दिनों शिक्षकों की पुरानी पेंशन व्यवस्था को लागू करने, वर्ष 2008 के बाद पदोन्नत शिक्षकों को न्यूनतम 17140 और 18150 दिए जाने, कन्वर्जन कास्ट दिए जाने आदि की मांगों को लेकर एक दिनी धरना-प्रदर्शन किया था। शासन तक मांगें पहुंच गई हैं यदि जल्द ही मांगों को पूरा नहीं किया गया तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन को मजबूर होगा।
ट्यूशनखोर शिक्षकों पर हो कार्रवाई
बदायूं। समाजवादी छात्र सभा की बैठक में शहर में ट्यूशन के नाम पर छात्रों के हो रहे उत्पीड़न को लेकर आक्रोश जताया गया। कहा गया कि यदि ट्यूशनखोर शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर डीआईओएस को ज्ञापन दिया जाएगा। इस मौके पर जिला महासचिव अनीस सिद्दीकी, फैजान खां, सोनू बालिया, रनवीर, हर्षित यादव, दुष्यंत कुमार, जमील चौधरी, दानिश, शोभी, आजम सिद्दीकी, प्रेम यादव, ओम, रवि गौतम, मोहित सागर, अमित कुमार, अकील अंसारी आदि थे।