उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के पदधिाकारियों ने सदर विधायक के बेटे विश्वजीत को मालवीय आव
बदायूं। 50 से कम छात्र-छात्राओं की संख्या वाले विद्यालयों का विलय किया जा रहा है। इसका विरोध तेज हो गया है। शिक्षकों का कहना है कि यह निर्णय तानाशाहीपूर्ण है। इससे हजारों शिक्षक की सेवाएं समाप्त हो जाएगी। साथ ही शिक्षा व्यवस्था प्रभावित होगी। इसको लेकर जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा।
सदर तहसील के प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक, रसोइया, अनुदेशक समेत अन्य लोग मालवीय आवास में एकत्र हुए। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि स्कूल विलय के निर्णय से जिले समेत प्रदेश के करीब 20 हजार विद्यालय प्रभावित हो रहे हैं। वर्तमान में विद्यालयों में चल रही शिक्षण व्यवस्था और बच्चों की शिक्षा पर संकट हो गया है।
उन्होंने इस प्रक्रिया को तत्काल रोकने और शिक्षक संगठनों से चर्चा कर वैकल्पिक समाधान निकालने की मांग की है। कहा कि 30 जून को प्रदेश के 822 ब्लॉकों में शिक्षकों की बैठक हुई थी। उसमें सर्वसम्मति बनी कि इसका विरोध किया जाएगा। उन्होंने सरकार के निर्णय को तुगलकी फरमान बताया और कहा कि जब तक यह आदेश वापस नहीं लिया जाता, वह विरोध करते रहेंगे। इसके बाद सदर विधायक महेश चंद्र गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। इसके अलावा उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की शाखा कादरचौक, बिनाबर, बिल्सी, कादरचौक और शेखूपुर में जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपा।