जूनियर शिक्षक संघ ने दी चेतावनी, एकतरफा कार्रवाई पर जताया आक्रोश
तहसील बिल्सी क्षेत्र के गांव स्वरूपपुर में एमडीएम का दूध पीने से कई बच्चों के बीमार हो जाने के मामले में बीएसए द्वारा प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों को सस्पेंड किए जाने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल (पूर्व माध्यमिक) शिक्षक संघ की शनिवार को हुई बैठक में उस कार्यवाही पर आक्रोश जताया गया। तय किया गया यदि निलंबित शिक्षकों को बहाल नहीं किया गया, तो स्कूलों में ताले डालकर आंदोलन किया जाएगा।
जिला महामंत्री असरार अहमद के निवास स्थान पर आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि स्वरूपपुर मामले में शिक्षकों को कोई दोष नहीं था फिर भी उनके खिलाफ एकतरफा बिना जांच पड़ताल के कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया। इससे जिले भर के शिक्षकों में बेहद रोष और आक्रोश है। इसे संगठन किसी कीमत पर सहन नहीं करेगा। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक को तरह-तरह के परेशान किया जा रहा है, जबकि उस पर तमाम गैर शैणक्षिक काम सौंप दिए गए हैं। स्वरूपपुर में एमडीएम का संचालन प्रधान द्वारा कराया जा रहा है, लेकिन उसके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया गया है, उल्टे शिक्षकों को निलंबित कर एकतरफा कार्रवाई कर दी गई। इससे अब शिक्षक खामोश नहीं बैठेंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष कृपाल सिंह,कल्यान दास गुप्ता, भुवनेश कुमार,अब्बास अहमद, गगन जीत, अब्दुल मन्नान, कमलेश कुमारी, सुरेश पाल सिंह, रमेश चंद्र, चंद्रपाल सिंह, पूर्णिमा देवी, मुशर्रफ हुसैन, प्रमोद कुमार आदि थे।