सूरज की तपिश और गर्म हवाओं ने ऐसी जुगलबंदी की है, लोग परेशान होने लगे हैं। पारा चढ़ता ही जा रही है। ऊपर से तेज हवाएं तन को झुलसा रही हैं। ऐसे में बहुत जरूरी होने पर ही लोग घर से निकल रहे हैं। वो भी बचाव के साधनों के साथ। बाजारों में सहालग होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र के लोग ही आ रहे हैं। वैसे सूनापन ही नजर आ रहा है। सरकारी कार्यालयों में भी सन्नाटा पसरा रहता है। यहां तक कि लोग यात्रा भी कम कर रहे हैं।
सूर्योदय होते ही गर्म हवाएं हावी हो जाती हैं। लोगों के होठ सूख जाते हैं और प्यास बढ़ जाती है। बाजारों में लोगों की आमद कम रहती है, लेकिन प्यासे लोग प्याऊ पर और हैंडपंपों पर प्यास बुझाते नजर आते हैं। दोपहर आते-आते हैंडपंप, नलों पर लोगों की भीड़ बढ़ जाती है।
गर्म हवाओं से बचने के लिए लोग अपनी आंखें बचाने को धूप के चश्मों और कानों की सुरक्षा को अंगोछों का इस्तेमाल कर रहे हैं। गर्म हवाओं से बचने के लिए लोग अपने बच्चों को बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं। बाजार में शीतल पेय पदार्थों की बिक्री बढ़ गई है। वहीं घरों पर भी लोग तरबूज और खरबूजा के साथ ठंठे पेय पदार्थों और जूस का इस्तेमाल कर रहे हैं। चाय की बिक्री प्रभावित हुई है। कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम की डिमांड बढ़ी है।
शहर से लगे कई इलाकों
में बाधित हुई आपूर्ति
पारेषण खंड के ट्रांसफार्मर में गड़बड़ी
बुधवार शाम तक हो पाएगा सुधार
बदायूं। पारेषण खंड नवादा के 20 एमबीए ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण शहर से लगे कई ग्रामीण फीडर ठप हो गए हैं। ऐसी भीषण गर्मी में ट्रांसफार्मर के धोखा दे जाने से गांव के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
पारेषण खंड नवादा से बिजली की मुख्य सप्लाई होती है। यहां 20 एमबीए के ट्रांसफार्मर में खराबी आते ही पारेषण खंड के एसडीओ एके वर्मा ने सभी संबधित अधिकारियों को स्थिति की जानकारी दी है। बताया है कि 27 मई की शाम तक इस खराबी को दूर करने में समय लग सकता है।
इन ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं मिल सकेगी बिजली
पारेषण खंड का ट्रांसफार्मर फुंक जाने के कारण सिलहरी, आमगांव, शेखूपुर और गुलडिय़ा के फीडर ठप हो गए हैं। पारेषण खंड के एसडीओ एके वर्मा ने अपने अधिकारियों को इसकी जानकारी देते हुए कहा है कि 27 मई की शाम तक बिजली सप्लाई में बाधा रह सकती है।
भीषण गर्मी में बिजली ले रही
व्याकुल लोगों की परीक्षा
बिजली कटौती ने चुराई रात की नींद और दिन का चैन
बदायूं। जहां एक ओर भीषण गर्मी से लोग राहत की तलाश में बिजली पर निर्भर हैं, वहीं बिजली कटौती लोगों के सामने बड़ी मुसीबत बनी हुई है। मौजूदा शेड्यूल तपते मौसम में बेहद परेशान करने वाला है। देहात क्षेत्र में तो स्थिति बेहद खराब है। नगर क्षेत्र का शेड्यूल केवल जिला मुख्यालय पर ही लागू है। यहां भी शेड्यूल गड़बड़ाया हुआ है। मनमाने तौर पर अनशेड्यूल बिजली मिल रही है। गर्म रातें और तपते दिनों में बिजली की मांग बढ़ गई है। इस मांग के मद्देनजर जिला मुख्यालय पर भी अनशेड्यूल बिजली मिल रही है। कहने को तो 20 घंटे बिजली आपूर्ति का शेड्यूल है, लेकिन बीच-बीच में बिजली आपूर्ति लोगों को परेशान करती है। खास तौर पर अल सुबह जब लोग गहरी नींद में होते हैं और दोपहर में जब आराम चाहते हैं। उमस भरी गर्मी में बिजली गायब होते ही लोगों की बेचैनी बढ़ जाती है।
कहने को तो शहरी क्षेत्र में 20 और ग्रामीण क्षेत्र में 15 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल है। शहरी क्षेत्र में केवल बदायूं शहर को ही शहरी शेड्यूल लागू है।
बिजली कटौती पर आहिवा ने जताया आक्रोश
बिल्सी। लगातार बढ़ रही गर्मी में बिजली कटौती को लेकर अब हर कोई दुखी हो चुका है। नगर के खैरी रोड स्थित कैंप कार्यालय पर आजाद हिंद वाहिनी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें नगर में की जा रही बिजली की बेहताशा कटौती पर कड़ी नाराजगी जताई गई। साथ ही बिजली कटौती बंद न किए जाने पर आंदोलन की धमकी भी दी गई। कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष अनुज वर्मा ने कहा कि इन दिनों बिल्सी नगर एवं क्षेत्र को 24 घंटे में मात्र चार-पांच घंटे ही बिजली नसीब हो पा रही है। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारियों ने शीघ्र बिजली कटौती को बंद नहीं किया तो आहिवा व्यापक स्तर आंदोलन शुरु कर देगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी विभाग की होगी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष सोनू माथुर, रोहित कुमार, अतुल कुमार, आकाश कुमार, योगेश कुमार, महेश, लवकुश, अमित कुमार, गुड्डू, प्रदीप कुमार, मुजीब खां, अमन आदि मौजूद रहे।
बिल्सी में बिजली की बेतहाशा कटौती
बिल्सी। भीषण गर्मी में की जा रही बिजली की बेतहाशा कटौती से क्षेत्र का सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछले एक माह से तो बिजली का कोई शेड्यूल नहीं रह गया है। 14-15 घंटे कटौती के चलते सभी उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं। लोगों में बिजली महकमे के प्रति आक्रोश पनप रहा है। सप्लाई के आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है। बिजली न होने से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। लोग चैन की नींद भी नहीं ले पा रहे हैं। अघोषित कटौती से नगर-क्षेत्र में लगे कुटीर धंधे भी चौपट पड़े हैं। पेयजलापूर्ति भी प्रभावित है। लोगों को पीने के पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। लोगों का कहना है यदि कटौती में सुधार नहीं हुआ, तो आंदोलन किया जाएगा।