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मानव तस्करों के चंगुल में तो नहीं है मासूम रौनक

Mon, 01 Feb 2016 08:14 PM IST
उझानी (बदायूं)।
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राजस्थान के धौलपुर में सर्किट हाउस के पास गुर्जर कॉलोनी निवासी गिरीश कुमार शर्मा की साढ़े पांच साल की बेटी रौनक 18 मई-2015 को कछला गंगाघाट से उस वक्त गुम हो गई थी, वह अपने मां-बाप के साथ गंगा स्नान को पहुंची थी। बकौल गिरीश, रौनक को गायब करने में उसने सोरों कोतवाली के गांव नगरिया के एक युवक की भूमिका पर सवाल उठाते हुए नामजदगी कराने को तहरीर भी सौंपी थी, लेकिन पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर ली।
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बेटी की बरामदगी के लिए गिरीश अब तक एसपी कासंगज से लेकर आगरा और अलीगढ़ के आईजी-डीआईजी से लेकर धौलपुर पुलिस के अफसरों से मिल चुका है। अगस्त महीना में उसने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। आरोप था कि रौनक को मानव तस्कर गिरोह ने उठाया है। हाईकोर्ट ने रौनक की बरामदगी के लिए एसपी कासगंज को निर्देशित भी किया। गिरीश का कहना है कि कासगंज पुलिस ने एक व्यक्ति को पकड़ा भी, लेकिन पूछताछ करने की बजाय उसे कोतवाली से छोड़ दिया था।
ढ़िलाई में सस्पेंड हो चुका विवेचक
उझानी। मासूम रौनक शर्मा का पिता गिरीश अपनी पत्नी अंजू शर्मा के साथ अक्तूबर महीना में एसपी कासगंज से मिला। दंपति ने एसपी को बेटी के गुम होने के बाद की दास्तां सुनाते हुए पुलिस की कारगुजारियां उजागर कीं, तो एसपी कासगंज ने अक्तूबर महीने में विवेचक राकेश यादव को सस्पेंड कर दिया था। डीआईजी अलीगढ़ के आदेश पर मामले की जांच कासगंज क्राइम ब्रांच में तैनात इंसपेक्टर अशोक कुमार शर्मा कर रहे हैं।
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छत्तीसगढ़ तक घूम आई धौलपुर पुलिस
उझानी। गिरीश शर्मा की मानें तो रौनक शर्मा को लेकर यूपी की पुलिस से कोई खास सहयोग नहीं मिला। उसने धौलपुर पुलिस के अफसरों से भी संपर्क साधकर गुहार लगाई थी। धौलपुर पुलिस उसके साथ छत्तीसगढ़ तक गई। मानव तस्कर गिरोह होने के शक में वहां छापा भी मारा गया, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
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