नोटबंदी के 50 दिन पूरे होने के बाद जिले भर में जनधन योजना के तहत खोले गए खातों के साथ संदिग्ध बैंक खाते भी आईजी के निशाने पर आ गए हैं। बिसौली के दबतोरी स्थित सर्व यूपी ग्रामीण बैंक में जनधन के सात खातों में लाखों रुपये के पुराने नोट जमा होने का मामला उजागर होने के बाद आयकर विभाग सतर्क हो गया है। कई बैंकों से इस संबंध में सूचनाएं देने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर को 500-1000 के पुराने नोटों को अमान्य घोषित कर दिया था। यह नोट बैंक खातों में जमा करने के लिए 30 दिसंबर तक का वक्त दिया था। पुराने नोट बैंकों में जमा होने की सीमा खत्म होने के साथ सामने आया है कि बदायूं में भी ऐसे सैकड़ों जनधन खाते हैं जिनमें नोटबंदी के दौरान करोड़ों रुपया जमा होने की संभावना है। दबतोरी में सात खाते सामने आने के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो आयकर विभाग ने ऐसे खातों के बारे में जानकारी मांगी है। जिनमें नोटबंदी के बाद अचानक मोटी रकम जमा की गई। पुराने 500-1000 के नोट बैंक में जमा करने की सीमा खत्म होने के बाद बैंक भी ऐसे खातों की पड़ताल में जुट गए हैं।
सूत्रों की मानें जो जिले में भी तमाम ऐसे जनधन के खाते हैं। जिनका केवाईसी नहीं है। इन खातों में मोटी रकम जमा की गई है। आशंका इस बात की भी लगाई जा रही है कि जनधन योजना के तहत भी फर्जी आईडी पर खाते हो सकते हैं। जिले में फर्जी बैंक खातों से 2.50 करोड़ रुपये के लेनदेन का मामला पहले ही सामने आ चुका है। इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर तीन लोगों को जेल भी भेजा गया था। मामले में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है।
दबतोरी के सात जनधन खातों की पड़ताल शुरू
दबतोरी (ब्यूरो)। दबतोरी स्थित सर्वयूपी ग्रामीण बैंक में जनधन योजना के सात बैंक खातों में लाखों रुपये जमा किए जाने के मामले में बैंक ने पड़ताल शुरू कर दी है। इस मामले में उच्च अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है। शाखा प्रबंधक अरुण कुमार सक्सेना की मानें तो रिपोर्ट अधिकारियों को भेजी जा रही है। खातों में रुपये कहां से आए, इस पर स्थिति जल्द साफ हो जाएगी।
ग्राहक सेवा केंद्रों पर खुले ज्यादातर खाते
बदायूं (ब्यूरो)। जनधन योजना के तहत बैंकों के ग्राहक सेवा केंद्रों पर ज्यादातर खाते खोले गए। दबतोरी के मामले में सामने आया है कि सातों संदिग्ध खाते ग्राहक सेवा केंद्रों के जरिए ही खोले गए। इनमें रकम भी संग्रामपुर और दबतोरा के ग्राहक सेवा केंद्रों के जरिए ही जमा किया गया।
बैंकों में लेने-देन के संबंध में आयकर और वाणिज्यकर विभाग समय-समय पर सूचनाएं मांगते हैं। इस बार भी खातों में जमा रकम के बारे में सूचनाएं मांगी गई हैं। फिलहाल इससे ज्यादा मैं नहीं बता सकता।-अनुराग रमन, एलडीएम