- अब बारहमासी होंगे टमाटर, भिंडी, खीरा, ककड़ी, तोरई, लौकी
- उद्यान विभाग किसानों के लिए खुलवाएगा पॉली हाउस
- संरक्षित खेती योजना में किसानों को सरकार से मिलेगा आधा खर्च
अब टमाटर, भिंडी, खीरा, ककड़ी, तोरई, कद्दू, लौकी और शिमला मिर्च बारह मास उगाए जा सकेंगे। इन्हें सब्जियों को ऑफ सीजन में उपलब्ध कराने का मौका उद्यान विभाग किसानों को देने जा रहा है। यह संभव होगा पॉली हाउस बनाकर। इसके लिए उद्यान विभाग संरक्षित खेती योजना के तहत किसानों को आधा खर्च भी अनुदान के रूप में उपलब्ध कराएगा। पॉली हाउस में किसान साल भर में कभी भी हरी सब्जियां उगा सकेंगे।
अब तक किसान केवल जायद की सीजन में सब्जियां उगा पाते थे, लेकिन अब किसान हर समय सब्जियों की खेती करेगा। ये खेती करने से किसान को उत्पादन और बिक्री मूल्य दोनों में फायदा होगा। इस योजना का लाभ देने के लिए उद्यान विभाग ने अभी तीन किसानों को चयनित किया है। इसमें बिनावर के पास गांव बरखेड़ा के अमित शर्मा और गोपी शर्मा है। वहीं अलापुर क्षेत्र के गांव रुपापुर के कन्हई लाल की लगभग एक एकड़ जमीन में पॉली हाउस बनाने के लिए स्वीकृति दे दी गई है। जिला उद्यान अधिकारी का कहना है कि कोई भी किसान योजना का लाभ ले सकता है। फिलहाल उद्यान विभाग के पास तीन आवेदन आए हैं। पॉली हाउस में हर समय एक जैसा तापमान रहेगा, क्योंकि ये चारे ओर से मोटी पन्नी से ढका हुआ होगा। इसमें किसान अधिक गर्मी, सर्दी और उच्च तापमान होते हुए भी टमाटर, भिंडी, खीरा, ककड़ी, तोरई, कद्दू, लौकी और शिमला मिर्च आदि हरी सब्जियां उगाई जाएंगी। यहीं नही अधिक बरसात में भी इस पॉली हाउस पर कोई असर नही पड़ेगा। अब तक तापमान घटने और बढ़ने की वजह से सब्जियों के पौधे को रोग और सड़ने एवं सूखने लगती थीं, लेकिन अब ऐसा नही होगा।
कैसा होगा पॉली हाउस
पॉली हाउस खेत के चारों ओर से लोहे के एंगिल पर एक मोटी पन्नी तनी होगी। इससे पूरा खेत लगभग आठ फुट की ऊंचाई पर पन्नी से ढका रहेगा। पॉली हाउस के अंदर एक फव्वारा लगा होगा, जो समय-समय पर छोटी-छोटी बूंदो से पौधों पर जरूरत के अनुसार पानी का छिड़काव करेगा। पॉली हाउस बिल्कुल हवा रहित होगा।
कैसे मिलेगा किसान को योजना का लाभ
किसानों को जिला उद्यान अधिकारी के कार्यालय में खतौनी, आधार कार्ड और खेती से संबंधित कागजात के साथ जाकर एक आवेदन फार्म भरना होगा। ऑफ लाइन सीजन में पॉली हाउस में हर समय सब्जियां तैयार कराई जाएंगी, जो ऑफ लाइन सीजन में पर्याप्त मात्रा में बाजार में पाई जाएंगी। इससे किसानों को बिक्री मूल्य में अधिक फायदा होगा। जिला उद्यान अधिकारी का कहना है कि किसानों को लगभग एक एकड़ में पॉली हाउस बनवाने के लिए लगभग आधे खर्चे के तौर पर 15 लाख का अनुदान सरकार देगी। एक एकड़ में पॉली हाउस बनवाने के लिए लगभग 30 लाख रुपये का खर्च आता है।