यहां कई चीनी मिलों के सेंटर होने के बाद भी पर्चियों में हो रहे खेल से किसान परेशान है। परेशान किसान यहां तैनात दलालों को गन्ना बेचने पर मजबूर हो रहे हैं। किसानों की समस्या की ओर न तो गन्नाधिकारियों का ध्यान है और न ही प्रशासन का। किसान खुद को ठगा से महसूस कर रहा है।
कस्बा में राणा शुगर मिल, करीमगंज, शाहबाद रामपुर, यदु शुगर मिल बिसौली और सहकारी चीनी मिल शेखूपुर के गन्ना क्रय केंद्र हैं, लेकिन गन्ना किसानों को पर्चियां देने में गड़बड़ी कर दलालों का फायदा पहुंचाया जा रहा है। गन्ना के वास्तविक किसानों को कम और दलालों को भरपूर पर्चियां मिलने से किसान दलालों को ही गन्ना बेचने को मजबूर है। दलाल कम दामों में गन्ना खरीद मिलों से बड़ी सौदेबाजी करने में लगे हैं। संबंधित मिलों के अधिकारी भी पहुंचते हैं, लेकिन बिना कोई समाधान के खानापूरी कर चले आते हैं। किसान गेहूं की बुवाई के लिए खेत खाली होने का इंतजार कर रहे हैं।
भाकियू नेता पालन सिंह ने कहा है कि अगर पर्चियों का सही आवंटन हो सके तो पर्चियों की व्यवस्था खत्म कर दें। गन्ना विभाग और जिला प्रशासन को गन्ना किसानों की विकराल समस्या का समाधान खोजना होगा।
जिले में अवैध रूप से हो रही गन्ने की खरीद पर उनकी निगरानी हो रही है। कादरचौक क्षेत्र में भी उन्होंने कार्रवाई की है। अगर, गुलड़िया में भी ऐसा होगा तो कार्रवाई होगी। - दिलीप कुमार सैनी, जिला गन्ना अधिकारी