जिले के गन्ना किसानों कि लिए यह अच्छी खबर है। शासन ने नवंबर से पेराई सत्र शुरू करने के लिए चीनी मिलों को अनुमति दे दी है। बिसौली स्थित यदु शुगर मिल 15 नवंबर से शुरू होगी। जबकि शेखूपुर स्थित सहकारी चीनी मिल का पेराई सत्र 20 नवंबर से शुरू होगा। विभागीय सूत्रों के मुताबिक इस बार पिछली साल के मुकाबले करीब एक महीने पहले पेराई सत्र शुरू होगा। इसको लेकर गन्ना विभाग के अधिकारियों ने तैयारी शुरू कर दी है। इस साल गन्ने का रकबा 11 प्रतिशत बढ़ा है।
सन 2016-17 में पेराई सत्र में देरी होने के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। जिस वजह से खेत में पड़ा गन्ना सूखने लगा और किसान अपनी अगली फसल नहीं बो पा रहे थे। इसके चलते किसानों को गन्ना औने-पौने दामों पर बिचौलियों को बेचना पड़ गया था तो कुछ गन्ना किसानों ने कोल्हू पर डाल दिया था। ताकि समय से खेत खाली हो सके और अगली फसल की बुवाई शुरू कर सकें, लेकिन इस बार शासन की ओर से चीनी मिलों को एक महीने पहले शुरू करने का निर्णय लिया है। इसको लेकर शासन ने बिसौली की यदु शुगर मिल के लिए 15 नवंबर, शेखूपुर की द सहकारी चीनी मिल के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की है।
यहां बता दें कि पिछले साल जिले में गन्ने के रकबा 20652 हेक्टेयर था। जो बढ़कर इस बार 22971 हेक्टेयर हो गया है। वही पिछले साल 137 लाख क्विंटल उत्पादन था। जो इस बार बढ़कर 159 लाख 34 हजार क्विंटल हो गया है। जिला गन्ना अधिकारी दिलीप कुमार सैनी का कहना है कि शासन की ओर से 15 नवंबर यदु शुगर मिल बिसौली और द सहकारी चीनी मिल शेखूपुर के लिए 20 नवंबर की तारीख तय की गई है। वहीं सेंटर के बारे में अभी तक कोई सूची नहीं आई है।