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माफिया मजे में, पिस रहा है गन्ना किसान

Fri, 16 Feb 2018 06:50 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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डेमो पिक
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जिले में गन्ना किसान दुर्दशा के बुरे दौर से जूझ रहे हैं। केवल प्रभावशाली या जुगाड़ वाले किसानों को ही पर्ची मिल पा रही हैं। कई सामान्य किसान एक बार भी पर्ची नहीं पा सके हैं। वे दलालों के कुचक्र में फंसे हुए हैं। कहीं पर्ची मिलने की दिक्कत, कहीं सेंटर से मिल तक गन्ना ढुलान की टेंशन तो कहीं तय अवधि में भुगतान न होने की समस्या से किसान आहत हैं और व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। जनप्रतिनिधि इन्हें आश्वासन देकर टाल देते हैं तो अफसर इनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। गुरुवार को क्षेत्र में ऐसे ही परेशान गन्ना किसानों ने रोड जाम किया था। शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने इनसे बातचीत की तो इनका दर्द जुबां पर आ गया। 
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अब तक कलेंडर के हिसाब से पर्चियां नहीं मिल रही हैं। अधिकारियों के पास चक्कर लगाते-लगाते थक चुके हैं। उम्मीद छोड़ चुके हैं कि इस बार उनका गन्ना मिल तक पहुंच पाएगा।
- दुर्विजय सिंह, अहोरामई 

शुरू में एकाध पर्ची मिली थी। अब तो काफी समय से पर्ची नहीं आई है। ऐसी स्थिति में गन्ना सेंटर पर पड़ पाना मुश्किल हो रहा है। अभी खेत में दस बीघा गन्ना खड़ा है। 
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-प्रताप सिंह पटेल, गुलड़िया 

सरकार ने आदेश दिया है कि गन्ना पड़ने के 14 दिन के अंदर भुगतान हो जाना चाहिए। इसके बाद भी भुगतान नहीं दिया जा रहा है। 25 दिसंबर के बाद से कोई पेमेंट नहीं दिया गया है। किसानों का मोहभंग हो रहा है, आने वाले वर्ष में गन्ने का रकवा कम हो सकता है। 
- श्रीकृष्ण सिंह, लखनपुर

कई गन्ना सेंटरों पर अव्यवस्थाएं हैं। इनमें से मचलई के सेंटर पर तो ढुलान की बड़ी समस्या है। यहां ढुलान के लिए ठेकेदार ने कोई व्यवस्था नहीं की है। न तो वाहन हैं और न ही मजदूर।
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- सर्वेश वर्मा, बेला गांव
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