- सबसे ज्यादा 38.54 करोड़ यदु शुगर मिल पर बाकी
- छह में से तीन मिलों में बंद हो चुकी है गन्ना पेराई
जिले के गन्ना किसानों का चालू पेराई सत्र में छह चीनी मिलों पर 74.85 करोड़ रुपया फंस गया है। तीन चीनी मिलों ने गन्ना पेराई भी बंद कर दी है। हालांकि, गन्ना विभाग का कहना है कि मिलों से किसानों को जल्द भुगतान कराया जाएगा। भुगतान में देरी पर किसानों को ब्याज भी दिलाया जाएगा। हालांकि, चीनी मिलें भुगतान के लिए करवट नहीं ले रहीं।
चालू पेराई सत्र में जिले के गन्ना किसानों ने गन्ना सहकारी संघ के जरिए शेखूपुर की सहकारी चीनी मिल, बिसौली की यदु शुगर मिल समेत रजपुरा, न्योली, करीमगंज और फरीदपुर चीनी मिलों के लिए गन्ना सप्लाई की थी। नवंबर 2016 में पेराई सत्र चालू होने से पहले तय हुआ था कि चीनी मिलें हर 15 दिन में किसानों का भुगतान करेंगी। मिलों ने ऐसा नहीं किया। शेखूपुर चीनी मिल समेत करीमगंज और न्योली चीनी मिलों में गन्ना पेराई बंद हो गई है। यदु, रजपुरा और फरीदपुर चीनी मिलें में भी 31 मार्च को पेराई बंद हो जाएगी। ऐसे में भुगतान को लेकर किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। किसानों का सबसे ज्यादा 38.54 लाख और शेखूपुर चीनी मिल पर 22.23 लाख रुपया बाकी है। न्योली शुगर मिल पर 7.23 करोड़ और करीमगंज पर 5.24 लाख रुपये की बकाएदारी है। रजपुरा चीनी मिल पर किसानों का 1.5 करोड़ और फरीदपुर मिल पर किसानों की 86 लाख रुपये की देनदारी है।
चीनी मिलों से किसानों का भुगतान जल्द कराने की पूरी कोशिश की जा रही है। जो मिलें भुगतान में देरी करेंगी उनसे किसानों का ब्याज भी दिलाया जाएगा। सभी मिलों को इस संबंध में नोटिस दिए जा चुके हैं।
- राम किशन, सचिव सहकारी गन्ना संघ-बदायूं