बदायूं। किसानों की खून-पसीने की कमाई पर चीनी मिल कुंडली मारे बैठे हैं, उनकी ओर से जिले के गन्ना किसानों का 32 करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि नए वित्तीय वर्ष में चीनी मिल चलाने की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
जिले में दो चीनी मिलें हैं। इनमें एक द सहकारी चीनी मिल शेखूपुर और दूसरी यदु शुगर मिल है। इसके अलावा जनपद में कई अन्य जिलों की चीनी मिलों के भी सेंटर भी लगाए जाते हैं। उनकी ओर से जिले के गन्ना किसानों से गन्ने की खरीद की जाती है। शासन के निर्देश हैं कि गन्ना खरीद का 14 दिन के भीतर हर हाल में भुगतान हो जाना चाहिए।
बावजूद इसके जिले की चीनी मिलों ने शासन के निर्देशों की धज्जियां उड़ा दी हैं। आज तक गन्ना किसानों का 32.57 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। ऐसे में अपनी बकाया धनराशि पाने के लिए गन्ना किसान चीनी मिल प्रशासन से लेकर जिला प्रशासन तक के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। हालांकि फिलहाल, नतीजा कुछ भी हासिल होता नहीं दिख रहा।
15 तक नहीं किया भुगतान तो होगी रकबे की कटौती
जिला प्रशासन से लेकर गन्ना विभाग के अधिकारियों ने चीनी मिल प्रशासन पर अब दबाव बनाया है। साथ ही चीनी मिल प्रशासन को 15 अक्तूबर तक का समय दिया है। अगर चीनी मिल प्रशासन की ओर से तय समय में किसानों के गन्ने का भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित चीनी मिल के रकबे में इस बार कटौती की जाएगी। ऐसा करने से संबंधित चीनी मिल को कम गन्ना मिल पाएगा।
इन चीनी मिलों पर है बकाया
-बिसौली की यदु शुगर मिल- 23.14 करोड़
-कासगंज की न्यौली शुगर मिल- 6.62 करोड़
- रामपुर की करीमगंज शुगर मिल-2.80 करोड़
जिले के गन्ना किसानों का तीन चीनी मिलों पर बकाया आ रहा है। उनको 15 अक्तूबर तक का समय दिया गया है। अगर 15 तक धनराशि जमा नहीं की गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका रकबा कम कर दिया जाएगा। - अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी