बदायूं। मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव में बीती 12 मार्च को हुए बहुचर्चित एचपीसीएल दोहरे हत्याकांड में मारे गए अधिकारी सुधीर गुप्ता के परिजनों ने शनिवार को एसएसपी अंकिता शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात की। लगभग एक घंटे तक चली इस मुलाकात में परिजनों ने मामले की जांच, दाखिल की गई चार्जशीट और आगे की कानूनी कार्रवाई के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाने की मांग की। परिजन नोयडा से पुलिस सुरक्षा में कार से यहां पहुंचे थे।
पीड़ित परिवार ने विस्तार से पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर जांच की प्रगति जानी। इस दौरान एसएसपी अंकिता शर्मा ने सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय को भी बुलाया। दोनों अधिकारियों ने परिजनों को अब तक हुई जांच, जुटाए गए साक्ष्यों और पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी।
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में मृतक सुधीर गुप्ता की पत्नी रश्मि गुप्ता ने बताया कि परिवार को चार्जशीट दाखिल होने का लंबे समय से इंतजार था। एसएसपी ने उन्हें बताया कि पुलिस ने गहन विवेचना के बाद मामले में चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी है और अब आगे की कार्रवाई कोर्ट में चल रही है।
रश्मि गुप्ता ने कहा कि एसएसपी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मामले को जल्द से जल्द फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि सभी आरोपियों को शीघ्र सजा मिल सके। उन्होंने कहा कि परिवार की सबसे बड़ी जिज्ञासा यह जानने की थी कि आखिर ऐसी क्या वजह रही, जिसके चलते किसी ने इतनी सुरक्षित जगह पर जाकर दो अधिकारियों की हत्या कर दी। आज भी समझ नहीं आता कि आखिर ऐसा क्या हुआ होगा।
भावुक होते हुए रश्मि गुप्ता ने कहा कि परिवार आज भी इस घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहा है। उन्होंने कहा, सुबह उठते-बैठते हमारे मन में यही सवाल आता है कि आखिर ऐसा क्या कारण था कि किसी ने मेरे पति और दूसरे अधिकारी की गोली मारकर हत्या कर दी। हम तो किसी चींटी तक को मारना पसंद नहीं करते, फिर किसी व्यक्ति के मन में इतना गुस्सा कैसे आ सकता है कि वह दो लोगों की जान ले ले।
उन्होंने कहा कि घटना एचपीसीएल प्लांट के अंदर स्थित कॉन्फ्रेंस रूम में हुई, जहां उस समय कई लोग मौजूद थे। बावजूद इसके दो वरिष्ठ अधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। एसएसपी से मुलाकात के दौरान सुधीर गुप्ता की बड़ी बहन सुनीता गुप्ता, भाई रजित गुप्ता, अनुराग गुप्ता समेत परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। मुलाकात समाप्त होने के बाद परिवार को सुरक्षा व्यवस्था के बीच वहां से रवाना किया गया।
कार्यालय जाने वाला हर व्यक्ति खुद को सुरक्षित महसूस करे
सुधीर की पत्नी रश्मि गुप्ता ने कहा कि हर दिन लाखों लोग अपने कार्यालयों और कार्यस्थलों पर जाते हैं। कोई भी यह सोचकर काम पर नहीं जाता कि उसके साथ ऐसी घटना हो सकती है। उन्होंने कहा कि इस मामले की गहराई से जांच होना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी भी नागरिक के साथ ऐसी घटना न हो और प्रदेश में हर व्यक्ति खुद को सुरक्षित महसूस कर सके।
उन्होंने कहा कि उन्हें पुलिस और प्रदेश सरकार पर पूरा भरोसा है। पुलिस लगातार परिवार का सहयोग कर रही है और उन्हें उम्मीद है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार का मानना है कि इस घटना के पीछे अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देना किसी एक व्यक्ति के लिए आसान नहीं लगता।