पीएनबी के बाहर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी। संवाद
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बदायूं। बैंकों के निजीकरण के विरोध में राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को दो दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। ऐसे में राष्ट्रीयकृत बैंकों में पूरे दिन कामकाज बंद रहा। बैंक बंद कर कर्मचारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी की। कहा कि बैंकों का निजीकरण कर पूंजीपतियों को लाभ दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। बैंकों के निजीकरण से रोजगार पर बुरा प्रभाव पड़ेगा।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर बृहस्पतिवार को जिले भर में राष्ट्रीयकृत बैंक बंद रहे। मंडल सचिव धनश्याम सिंह चौहान ने कहा कि बैंकों के निजीकरण से रोजगार पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। बैकों की सेवाएं महंगी हो जाएंगी। हड़ताल के कारण एसबीआई, पीएनबी, बीओबी, यूनियन बैंक पर ताले लटके रहे। हड़ताल के कारण खातेदारों को लौटना पड़ा। मंडल सचिव सुरेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि 17 दिसंबर को भी बैंक बंद रहेगे। बृहस्पतिवार को बैंकों के बंद रहने के कारण करीब 300 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित रहा। इस दौरान बैंक कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर प्रांतीय सहायक महामंत्री ओतपाल सिंह, , अनिल कुमार, गौतम दास, शिव कुमार, मुकेश कुमार आदि मौजूद रहे।
बैंक कर्मचारियों की अपनी मांग हैं और प्रांतीय आह्वान पर उनकी हड़ताल हुई है। हड़ताल होने की वजह से कुछ लेने देन प्रभावित हुआ है। फिलहाल कितना लेनदेन प्रभावित हुआ है। ये अभी नहीं बता सकते हैं।- श्याम पासवान, एडीएम