एक दिवसीय इस हड़ताल का बदायूं में अन्य श्रमिक संगठनों पर तो नहीं, लेकिन रोडवेज के श्रमिक संगठनों के आह्वान का अधिक असर दिखा। हालांकि एसबीआई को छोड़ अन्य बैंकों के कुछ इंप्लाइज भी हड़ताल में शामिल रहे। भाकपा ने श्रमिकों के समर्थन में धरना दिया। सुबह से ही रोडवेज के चालक बस अड्डे पर एकत्र हो गए। बसों को रोडवेज के दोनो गेटों पर इस तरह दो-दो बसें लगा दी गईं कि अंदर से कोई बस बाहर न निकल सके। इसके बाद बाहर से आने वाली बसों से यात्रियों को उतारते रहे। कुछ बस चालकों का आरोप है कि बस संचालन से रोकने के लिए डंडों से धुनाई करने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। प्राइवेट बस यूनियन के संचालक भी रोडवेज के चालकों के साथ आ गए। उन्होंने भी हड़ताल में शरीक होकर बसों का संचालन ठप कर दिया।
दौड़ा-दौड़ाकर पकड़ते रहे वाहन, उतारते रहे सवारी
बदायूं। हड़ताली चालक बाहर से आने वाले सरकारी यात्री वाहनों से तो यात्रियों को उतारते रहे। आसपास के टैंपो स्टैंडो से सभी को भगा दिया। प्राइवेट बस अड्डे से भी यात्रियों को लौटा दिया। महिला बच्चे और अन्य असहाय यात्रियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। तांगा, रिक्शा, डनलप जो वाहन मिला, उससे लोग गंतव्य तक पहुंचे।
एआरएम से की चालकों ने अभद्रता, तहरीर दी
बदायूं। हड़ताल के दौरान एआरएम जेपी सिंह अपनी कार से व्यवस्था के लिए निकले थे कि सुबह जब वह लावेला चौक से गुजर रहे थे तो कुछ चालकों ने ठनकी कार का घेर लिया और अभद्रता की। इस मामले में एआरएम ने अनुबंधित बसों के चालकों को जिम्मेदार ठहराया है और किसी दीपक नाम के चालक और आठ-दस चालकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को थाना सिविल लाइंस में तहरीर दी है।
अनुबंधित बस स्वामियों से चली जद्दोजहद
बदायूं। अनुबंधित बस स्वामियों और एआरएम में शाम को काफी जद्दोजहद हुई। यहां बता दें कि करीब 25 अनुबंधित बसें रोडवेज में चल रही हैं। अनुबंधित बस स्वामी अपनी बसें रोडवेज बस अड्डे पर पहुंचने का दावा कर रहे थे तो एआरएम का कहना था कि उनकी बसें रोडवेज परिसर तक नहीं आईं। एआरएम ने उनके द्वारा उपस्थित होने संबंधित पत्र को लेने से इंकार कर दिया। इस मौके पर अनुबंधित बस स्वामी सरदार गुरमीत सिंह दुआ ने बताया कि उनकी बस को कासगंज में रोका गया और चालक के साथ मारपीट की गई। अनुबंधित बस वालों में बालेंद्र शर्मा, एसएन शर्मा, विमल गंगवार, मोनू गुप्ता, सूर्या आदि एआरएम से मिले।
एआरएम कक्ष में घुसा शराबी चालक, बहाली को बनाया दबाव
बदायूं। जब अनुबंधित बस स्वामियों और एआरएम में बात चल रही थी कि एक अनुबंधित बस का चालक एआरएम आफिस में घुस आया और नशे में था कि न ही उसका शरीर काम कर रहा था और न ही दिमाग। उसने एक कोरा कागज एआरएम की ओर बढ़ाया और कहा कि बहाल करो। उसकी हरकत पर सभी अवाक रहे गए। एआरएम ने अनुबंधित स्वामियों पर आरोप लगाया कि वह अपने साथ इसे लेकर आए हैं। हालांकि सब इस बात से इंकार करते रहे। एआरएम ने उनकी बस अवमुक्त कराने की कार्रवाई करने के आदेश किए। अनु़बंधित स्वामियों की कोई गुहार नहीं सुनी। इस मामले में देर तक सुलह समझौते के प्रयास जारी रहे।
भाकपा का हड़ताल को समर्थन, धरना दिया
बदायूं। भाकपा ने श्रमिकों की देशव्यापी हड़ताल को समर्थन देते हुए मालवीय आवास पर धरना दिया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भी दिया। इसमें खेत मजदूर यूनियन भी शामिल रही। भाकपा नेताओं ने 10 हजार न्यूनतम मजदूरी, समान काम को समान मजूदरी, ट्रेड यूनियनों को रजिस्ट्रेशन 465 दिन में अनिवार्य करने समेत तमाम मांगे शामिल की गईं। इसके अलावा सोत नदी सीमांकन कराने समेत तमाम कई मांगे शामिल रहीं। इस अवसर पर राम प्रकाश कोरी, बृजभान सिंह, प्रेमपाल सिंह, कृष्ण गोपाल गुप्ता, सुरेंद्र सिंह एडवोकेट, शांति सिंह आदि मौजूद रहे।
यूनियनों ने की हड़ताल खत्म करने की घोषणा
बदायूं। यूपी रोडवेज इंपलाइज यूनियन, रोडवेज कर्मचारी संघ कार्यशाला संगठन आदि ने एक दिवसीय हड़ताल को 100 प्रतिशत सफल बताया। कहा कि हड़ताल के दौरान सभी कर्मचारियों का सहयोग मिला। यूनियन के अध्यक्ष श्रीओम गुप्ता ने कहा कि सभी ने एकजुट होकर प्रांतीय नेताओं के आह्वान पर चक्का जाम हड़ताल की थी। चूकिं एक दिवसीय हड़ताल थी जो शाम को उच्च पदाधिकारियों के बात कर बस सेवाएं शाम को शुरू कर दी गईं। हड़ताल खत्म किए जाने के पत्र पर हस्ताक्षर करने वालों में राजेश यादव, दीपक सक्सेना, मुन्ना बाबू शर्मा, शशिकांत शर्मा कर्मचारी नेताओ ने हस्ताक्षर किए।
उझानी में पालिका कर्मियों का केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
उझानी (बदायूं)। ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक) के आह्वान पर स्वायत्त शासन कर्मचार महासंघ ने बुधवार को देशव्यापी हड़ताल के तहत पुरानी पेंशन नीति को बहाली किए जाने समेत कर्मचारी हित की मांगों पर आवाज बुलंद की। उन्होंने केंद्र सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए पालिका गेट पर प्रदर्शन भी किया।
एटक के स्टेट काउंसलर राजेश कुमार जौहरी की अगुवाई में स्वायत्त शासन कर्मचारी महासंघ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कामबंद हड़ताल के तहत पूर्वाह्न में नगर परिषद गेट पर इकट्ठे हुए। एटक की मांगों पर अपना पक्ष रखते हुए श्री जौहरी ने कहा कि केंद्र सरकार की श्रम नीतियां भी कर्मचारियों के हित में नहीं है। 15 सूत्रीय मांगों को मनवाने के लिए एटक ने जो आंदोलन छेड़ा है, उस पर केंद्र सरकार को हरहाल में गौर करना होगा। उन्होंने पुरानी पेंशन नीति बहाल करने के साथ सातवें वेतन आयोग की रिपोर्ट भी जल्द प्रकाशित होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारी बोले- केंद्र सरकार ने उनकी जायज मांगों पर गौर नहीं किया तो आंदोलन तेज कर दिया जाएगा। सरकार को इसकी कीमत भी चुकानी पड़ेगी। प्रदर्शनकारियों में अवर अभियंता विनय सक्सेना, तौसीफ अहमद, अख्तर अली, संजय गौतम, अशोक कुमार शर्मा, आशीष शर्मा, राजकुुमार गुप्ता, अर्जुन, संजय शर्मा, विकास सक्सेना, दीपक कुमार, गफूरन और शिवदेवी आदि शामिल थीं।
बिसौली में रहा बसों का चक्का जाम
बिसौली। रोडवेज बसों की हड़ताल का असर दिखाई दिया। एक दो छोड़ कोई भी बस नहीं चली। डग्गामार वाहनों की मौज रही। सबसे ज्यादा परेशानी तो शाम को हुई। नगर के रोडवेज स्टैंड पर पूरे दिन सात आठ बसें खड़ी रही। यात्री जैसे-तैसे अपने गंतव्य पर पहुंचे ।