सिलहरी। बृहस्पतिवार रात आई तेज आंधी और बारिश ने बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी। आंधी के दौरान कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे सालारपुर, सिलहरी, नवादा न्यू, कुरऊ और करौलिया बिजलीघरों से जुड़े करीब 200 गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। शुक्रवार को भी अधिकांश क्षेत्रों में दिनभर बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
भगवतीपुर, बरातेगदार, बल्लिया, रजलामई, सनाय, दहेमी, कुनार, शिकरापुर, सिलहरी, सालारपुर, भरकुइयां, बस्त्रा, मौजुमपुर छज्जू, गुराई, बदरपुर, बावट और लखनपुर समेत कई गांवों में बिजली न आने से पेयजल संकट खड़ा हो गया। सबमर्सिबल और पानी की मोटरें बंद रहने से लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ा।
वहीं, लगातार बिजली कटौती के कारण इनवर्टर भी जवाब दे गए, जिससे ग्रामीणों को उमस भरी गर्मी में मुश्किलों का सामना करना पड़ा। बिजली आपूर्ति बाधित होने का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ा। खेतों में खड़ी फसलों की सिंचाई रुक गई और किसान बिजली आने का इंतजार करते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित शेड्यूल के मुकाबले उन्हें मुश्किल से चार से पांच घंटे ही बिजली मिल रही है। आंधी के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। बिजली आपूर्ति बहाल न होने से नाराज ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को लगातार फोन कर शिकायतें दर्ज कराईं।