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Budaun News: अवैध कब्जा ढहाने पहुंची तहसील की टीम पर पथराव, गाड़ियों में तोड़फोड़, जेसीबी से टकराकर युवक बेहोश

Thu, 28 Aug 2025 07:00 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं

सार

बदायूं जिले के गांव दुंदीनगला में अवैध कब्जा हटाने पर बवाल हो गया। अवैध कब्जा हटाने पहुंची तहसील टीम पर हमला कर दिया गया। आरोपियों ने गाड़ियों में तोड़फोड़ की। सड़क पर जाम लगाकर हंगामा किया। 
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लेखपाल की कार का शीशा टूटा, सड़क पर बेहोश पड़ा युवक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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बदायूं के हजरतपुर थाना क्षेत्र के दुंदीनगला में कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार को अवैध कब्जा ढहाने पहुंची तहसील की टीम पर कब्जेदारों ने पथराव कर दिया। इस दौरान दो लेखपालों की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर दी गई। अफरा-तफरी में एक युवक जेसीबी से टकरा कर बेहोश हो गया। घरवालों से उसे बेहोशी की हालत में सड़क पर लिटाकर जाम लगा दिया। पुलिस ने किसी तरह समझा बुझाकर मामले को शांत कराया।

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दुंदीनगला निवासी रामशरण ने राजेशो के खेत के पीछे हजरपुरत-म्याऊं रोड पर गांव में ही मकान बना लिया था। राजेशो ने अनुसार चकरोड पर रामशरण ने मकान बनाया था। इसके ध्वस्तीकरण को लेकर वह कोर्ट चला गया। वहां से ध्वस्तीकरण का आदेश होने पर दातागंज तहसील के लेखपाल जितेंद्र और गोपाल बृहस्पतिवार को जेसीबी लेकर पहुंचे। जैसे ही उन्होंने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की तो कब्जेदारों ने पथराव शुरू कर दिया। 

जेसीबी से टकराकर युवक बेहोश 
दोनों लेखपाल और जेसीबी चालक बचकर भागे और अधिकारियों को सूचना दी। इस अफरा तफरी में रामशरण का बेटा मनोज जेसीबी से टकरा कर गिरा और बेहोश हो गया। परिवार के लोगों ने उसे बीच सड़क पर लिटाकर जाम लगा दिया। परिवार की कई महिलाएं भी जमीन पर लेट गईं। सूचना पर कई थानों का पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जाम लगाए हुए लोगों को समझा कर शांत कराया। 

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एसडीएम धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तहसील कर्मी गए थे। चकरोड पर कब्जा कर लिया था। इसे हटाने के लिए टीम पहुंची थी। जिस पर पथराव हुआ है। थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि चकरोड न खुल पाए, इसके लिए लोगों  ने बवाल किया था।

घटना को नहीं भांप पाए थे अधिकारी
दुंदीनगला कब्जा हटाने के लिए दो लेखपाल और कुछ पुलिसकर्मी पहुंचे थे। इन लोगों के पास हेलमेट और जैकेट भी नहीं था। इस वजह से टीम को विरोध के बाद वापस भागना पड़ा था। इससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि प्रशासन घटना को भांप नहीं पाया।


 
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