बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के स्थानांतरण के नाम पर वसूली का धंधा चल रहा है। जिले में बीएसए पीसी यादव ने शिक्षकों के अंतर जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करा दी है, जबकि डीएम को इसके बारे में कोई जानकारी ही नहीं है।
शासन द्वारा पुरानी स्थानांतरण समिति में संशोधन करते हुए अब डीएम को समिति का अध्यक्ष और सीडीओ को उपाध्यक्ष बना दिया है। इससे अब जिले में शिक्षकों के स्थानांतरण से पहले बीएसए को डीएम के समक्ष प्रस्ताव देना होगा। इस पर डीएम और सीडीओ की संस्तुति के बाद ही स्थानांतरण प्रक्रिया को शुरू किया जा सकता है। वहीं, चर्चा है कि बीएसए ने बिना डीएम और सीडीओ की संस्तुति के प्रक्रिया शुरू करा दी है। शिक्षकों से आवेदन मांग लिए हैं। जिले में 1750 शिक्षकों ने आवेदन भी कर दिया है। इसमें कुल 1500 शिक्षामित्र और सिर्फ 250 शिक्षक हैं। सूत्र बताते हैं कि कुछ कथित शिक्षक नेताओं ने पूरे जिले में इसके नाम पर उगाही शुरू कर दी है।
शिक्षक नेताओं के बारे में यदि कोई लिखित शिकायत करता है, तो उन पर कार्रवाई की जाएगी। स्थानांतरण प्रक्रिया के लिए डीएम से अनुमति मिलने के बाद ही आवेदन मांगे गए हैं। -पीसी यादव, बीएसए
मैं बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के स्थानांतरण समिति का अध्यक्ष हूं, पर अभी तक मेरे पास कोई भी प्रस्ताव की फाइल नहीं आई है। शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए आवेदन मांगने की प्रक्रिया शुरू हुई है, ऐसा मेरे संज्ञान में है। यदि शिक्षकों से स्थानांतरण के नाम पर उगाही की जा रही है, तो इसकी जांच कराकर संबधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -पवन कुमार, जिलाधिकारी