बदायूं। जिला अस्पताल के विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई (एसएनसीयू) में बुधवार को लखनऊ से टीम ने डॉक्टर और स्टाफ को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के संचालन का प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नवजात शिशुओं को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना था। हालांकि प्रशिक्षण के दौरान एसएनसीयू में लंबे समय से समस्या बनी सी-पैप मशीन को चालू करने का प्रयास किया गया, लेकिन तकनीकी खामी के कारण समस्या दूर नहीं हो सकी।
साइरेक्स के टेक्निकल सपोर्ट विशेषज्ञ मानवेंद्र के नेतृत्व में पहुंची टीम ने एसएनसीयू प्रभारी डॉ. संदीप वार्ष्णेय समेत समस्त स्टाफ को वेंटिलेटर, डिटेक्शन मॉनिटरिंग सिस्टम और अन्य जीवनरक्षक उपकरणों के संचालन की विस्तृत जानकारी दी। मशीनों के उपयोग, रखरखाव और आपात स्थिति में उनके प्रभावी संचालन के बारे में भी बताया।
उन्होंने नवजात शिशुओं के उपचार में उपयोग होने वाले उपकरणों की कार्यप्रणाली को प्रायोगिक रूप से समझाया। स्टाफ ने भी तकनीकी पहलुओं को लेकर प्रश्न पूछे और मशीनों के संचालन का अभ्यास किया। हालांकि प्रशिक्षण के दौरान सबसे ज्यादा चर्चा सी-पैप मशीन को लेकर रही। टीम ने मशीन को संचालित करने का प्रयास किया, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण उसे पूरी तरह चालू नहीं किया जा सका। इससे एसएनसीयू में भर्ती गंभीर नवजात शिशुओं के उपचार को लेकर चिंता बनी है।
नवजातों के लिए महत्वपूर्ण है सी-पैप मशीन
एसएनसीयू प्रभारी डॉ. संदीप वार्ष्णेय के अनुसार, सी-पैप मशीन सांस लेने में परेशानी झेल रहे नवजात शिशुओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण उपकरण है। इससे नवजातों को कृत्रिम श्वसन सहायता मिलती है और कई मामलों में वेंटिलेटर की जरूरत कम हो जाती है। मशीन के पूरी तरह संचालित न होने से उपचार व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
तकनीकी समस्या दूर होने का इंतजार
प्रशिक्षण के बाद भी मशीन की तकनीकी खामी दूर नहीं हो सकी है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि संबंधित कंपनी और तकनीकी विशेषज्ञों के संपर्क किया है, लेकिन सी पेप मशीन की समस्या का समाधान नहीं हो सका है। ऐसे में मशीन होते हुए भी मरीज को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लखनऊ से आई टीम ने एसएनसीयू में स्टाफ को ट्रेनिंग दी है। अब इसका फायदा आम जनता को मिलेगा। - शोभा अग्रवाल, सीएमएस, जिला महिला अस्पताल