बदायूं। मंगलवार को एचपीसीएल अधिकारी रहे स्व. हर्षित मिश्रा के परिवार के हंगामे और आरोपों के बाद शाम ढले नई एसएसपी अंकिता शर्मा ने पत्रकारों से बात की। परिजनों के आरोप पर एसएसपी ने कहा कि उन्होंने सीओ को दी शिकायत व साक्ष्य का पता चलने के बाद खुद ही हर्षित मिश्रा के परिवार को बदायूं बुलाया था। पीलीभीत पुलिस परिवार को सुरक्षा प्रदान करने साथ आई थी। लोकेशन पता न होने की वजह से जिले की सीमा पर बिनावर थाना पुलिस को साथ में लगाया था। हर्षित मिश्रा के पिता सुशील मिश्रा से उनकी सुबह से बात हो रही थी। बताया गया था कि आवास पर ही बात होगी, लेकिन किसी एक परिजन ने आवास न जाकर कार्यालय पर ही मिलने की बात कह डाली।
इसके बाद पुलिस की गाड़ी आवास से कार्यालय की ओर रवाना कर दी गई। परिजनों में इसे लेकर भ्रम रहा। परिजनों से बात हुई तो उनकी सीबीआई जांच की मांग उच्च स्तर पर भेजने का आश्वासन दिया गया। वैसे मूसाझाग पुलिस ही इस हत्याकांड की गहनता से जांच कर रही है। जो भी दोषी होगा वह चाहें कितना बाहुबली क्यों न हो, बच नहीं सकता। जांच में जिस-जिस के नाम प्रकाश में आएंगे उनके खिलाफ चार्टशीट लगाई जाएगी।
कर्मचारियों की संलिप्तता की हो रही जांच
एसएसपी ने माना कि एक व्यक्ति इतने बड़े प्लांट में अकेला घुसकर दो अधिकारियों की हत्या करने हिम्मत नहीं कर सकता। इसमें कुछ कर्मचारियों की मिलीभगत भी सामने आई है। उन सबकी जांच करके कार्रवाई की जद में लिया जाएगा।
हर्षित की पत्नी की नौकरी देने की प्रक्रिया चल रही
एसएसपी ने बताया हर्षित मिश्रा की पत्नी को नौकरी देने की पैरवी भी पुलिस-प्रशासन की ओर से की जा रही है। इन सभी बिंदुओं पर भी परिवार से बात की गई।