बच्चे के स्थानांतरण (टीसी) निकलवाने के समय दर्शाई जाने वाले एसआर रजिस्टर ढंग से मेनटेन के साथ समय-समय पर चेकिंग न कराने वालों की अब खैर नहीं। अगर ऐसे स्कूलों के मामले सामने आते हैं और इंट्री में अगर कोई गड़बड़ी मिलती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। इसमें प्राइवेट के अलावा परिषदीय स्कूल भी शामिल हैं।
बच्चे के प्रवेश और स्कूल से निकलने के समय स्थानांतरण सर्टिफिकेट की जरूरत पड़ती है। जिस पर काउंटर साइन भी कराए जाते हैं। यह नियम माध्यमिक के अलावा बेसिक स्कूलों में भी लागू होता है। लेकिन इस पर स्कूल के प्रबंधक/प्रधानाचार्य ध्यान नहीं देते हैं। जब बच्चा स्कूल से निकलकर दूसरे स्कूल में प्रवेश लेता है और वहां टीसी मांगी जाती है। तब जाकर कहीं इस प्रक्रिया को बढ़ाया जाता है और एसआर रजिस्टर पर काउंटर साइन कराने के लिए विभागीय अधिकारियों के पास आना पड़ता है। किंतु विद्यालय की महत्वपूर्ण पंजिका होने के बाद भी इसमें गलत इंट्री दर्ज कर दी जाती है। ऐसा ही एक मामला सोमवार को देखने को मिला। यहां बेसिक कार्यालय में जगत ब्लॉक के एक प्राइवेट स्कूल के शिक्षक एसआर रजिस्टर लेकर टीसी कटवाने आए। जब रजिस्टर को देखा को उसमें प्रवृष्टिया गलत थीं। पंजिका संख्या की जगह पेज नंबरों की संख्या डाली हुई थी। इस प्रकार प्रवेश की ज्वाइनिंग से लेकर निकलने की भी बच्चे की गलत इंट्री दर्ज थी। इस पर प्रभारी बीएसए सोमनाथ विश्वनाथ ने नाराजगी जताई। उन्होंने प्रधानाध्यापक को तलब किया। कहा, एसआर रजिस्टर की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की बनती है। लिहाजा वहीं इसे लेकर साथ आए। वहीं उन्होंने गलत इंट्री होने पर भी नाराजगी जताई, कहा यह बच्चे के भविष्य से जुड़ा मसला होता है। लिहाजा सतर्कता बरती जाए। प्रवेश का आधार तथा मान्यता संबंधी जानकारी भी मांगी। विश्वकर्मा ने बताया कि एसआर रजिस्टर को समय-समय पर चेक कराने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापक की होती है। उन्होंने निर्देश दिए कि अगर यह ढंग से मेंटेन नहीं कराया जाता है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चाहे वह प्राइवेट स्कूल हो या फिर परिषदीय।